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Madhya Pradesh: बिजली मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने पर 40 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त, 101 की सेलरी काटी
Fri, 03 Jun 2022 05:11 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 03 Jun 2022 05:11 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में बिजली मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने पर वाले कर्मचारियों पर गाज गिरी है। सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कार्यरत 40 मीटर रीडर की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। साथ ही 101 मीटर रीडरों का तीन दिन का वेतन काटा है। 53 मीटर रीडरों को कार्य में लापरवाही बरतने के चलते चेतावनी जारी की गई है।
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मध्य प्रदेश में बिजली मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने पर वाले कर्मचारियों पर गाज गिरी है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कार्यरत 40 मीटर रीडर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। साथ ही 101 मीटर रीडरों का तीन दिन का वेतन काटा है। 53 मीटर रीडरों को कार्य में लापरवाही बरतने के चलते चेतावनी जारी की गई है।
बता दें मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक गणेश शंकर मिश्रा ने मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि उपभोक्ताओं के परिसर पर सटीक मीटर वाचन होना चाहिए और मीटर रीडिंग के आधार पर ही उपभोक्ताओं को बिल दिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मीटर रीडरों के कार्य पर निष्ठा एप के द्वारा निगरानी रखी जाए और जो मीटर रीडर कर्तव्य पालन में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें सेवा से पृथक किया जाए। इसी निर्देश के तहत ये कार्रवाई की गई है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि उपभोक्ताओं के परिसर में स्थापित मीटर की फोटो मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने और गलत मीटर रीडिंग लेने पर मीटर वाचकों पर सख्त एक्शन लिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। कंपनी कार्यक्षेत्र में सीहोर में 3, होशंगाबाद में 6, रायसेन में 6, मुरैना में 4, भिंड में 3, गुना में 3, हरदा में 3, भोपाल में 5, ग्वालियर में 2, राजगढ़ में 2, शिवपुरी में 2 एवं विदिशा में एक आउटसोर्स मीटर रीडरों को आदेशों की अवहेलना और मीटर वाचन में गड़बड़ी के आरोप में सेवा से हटा दिया गया है।
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प्रबंध संचालक ने कहा कि उपभोक्ता सेवा सर्वोपरि है। कंपनी का प्रयास है कि बिलिंग संबंधी शिकायतों को शून्य लेवल पर लाया जाए। फोटो मीटर रीडिंग ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मानवीय हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं है और मीटर वाचन में अंकित वाचन की फोटो खींचकर सिस्टम में अपलोड की जाती है। मीटर रीडरों पर कड़ी निगरानी और लापरवाही बरतने वाले मीटर रीडरों को सेवा मुक्त किए जाने की कार्रवाई के कारण उपभोक्ताओं को काफी राहत मिली है। कुछ शहरों में क्यूआर कोड लगाने के कारण भी फायदा मिला है एवं इससे मीटर वाचन की प्रक्रिया जल्दी संपादित हो रही है।
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बता दें मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक गणेश शंकर मिश्रा ने मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि उपभोक्ताओं के परिसर पर सटीक मीटर वाचन होना चाहिए और मीटर रीडिंग के आधार पर ही उपभोक्ताओं को बिल दिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मीटर रीडरों के कार्य पर निष्ठा एप के द्वारा निगरानी रखी जाए और जो मीटर रीडर कर्तव्य पालन में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें सेवा से पृथक किया जाए। इसी निर्देश के तहत ये कार्रवाई की गई है।
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मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि उपभोक्ताओं के परिसर में स्थापित मीटर की फोटो मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने और गलत मीटर रीडिंग लेने पर मीटर वाचकों पर सख्त एक्शन लिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। कंपनी कार्यक्षेत्र में सीहोर में 3, होशंगाबाद में 6, रायसेन में 6, मुरैना में 4, भिंड में 3, गुना में 3, हरदा में 3, भोपाल में 5, ग्वालियर में 2, राजगढ़ में 2, शिवपुरी में 2 एवं विदिशा में एक आउटसोर्स मीटर रीडरों को आदेशों की अवहेलना और मीटर वाचन में गड़बड़ी के आरोप में सेवा से हटा दिया गया है।
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प्रबंध संचालक ने कहा कि उपभोक्ता सेवा सर्वोपरि है। कंपनी का प्रयास है कि बिलिंग संबंधी शिकायतों को शून्य लेवल पर लाया जाए। फोटो मीटर रीडिंग ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मानवीय हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं है और मीटर वाचन में अंकित वाचन की फोटो खींचकर सिस्टम में अपलोड की जाती है। मीटर रीडरों पर कड़ी निगरानी और लापरवाही बरतने वाले मीटर रीडरों को सेवा मुक्त किए जाने की कार्रवाई के कारण उपभोक्ताओं को काफी राहत मिली है। कुछ शहरों में क्यूआर कोड लगाने के कारण भी फायदा मिला है एवं इससे मीटर वाचन की प्रक्रिया जल्दी संपादित हो रही है।
