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MP Panchayat Election: केंद्र सरकार ने OBC आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई, 3 जनवरी को होगी सुनवाई
Mon, 27 Dec 2021 04:03 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 27 Dec 2021 04:03 PM IST
सार
मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को केंद्र सरकार ने भी चुनौती दी है। इस पर सुनवाई 3 जनवरी को होगी। उसी दिन मध्य प्रदेश सरकार की पुनर्विचार याचिका पर भी सुनवाई होनी है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इस पर 3 जनवरी को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को पंचायत चुनावों में OBC के लिए रिजर्व पदों पर चुनाव कराने से रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार ने पुनर्विचार याचिका लगाई है, जिसे 3 जनवरी को ही सुना जाएगा।
पंचायत चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने रविवार को अपना अध्यादेश वापस ले लिया है। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने साथ ही पंचायत चुनाव निरस्त करने का प्रस्ताव भी राज्यपाल को भेजा था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को इस मसले पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात भी की थी। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार के अध्यादेश से पंचायत चुनावों में रोटेशन और परिसीमन खत्म हो गया है। उसने इस मुद्दे पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण पर रोक लगाई थी।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में पक्षकार बनाने का आवेदन दिया है। साथ ही कहा कि पंचायतों में समुदाय का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कराए बिना चुनाव संविधान की मूल भावना के विपरीत होगा। केंद्र सरकार ने यह सुझाव भी दिया है कि वैकल्पिक तौर पर चुनाव चार महीने के लिए टाले जा सकते हैं। तीन महीने के भीतर आयोग से रिपोर्ट ली जा सकती है।
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पंचायत चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने रविवार को अपना अध्यादेश वापस ले लिया है। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने साथ ही पंचायत चुनाव निरस्त करने का प्रस्ताव भी राज्यपाल को भेजा था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को इस मसले पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात भी की थी। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार के अध्यादेश से पंचायत चुनावों में रोटेशन और परिसीमन खत्म हो गया है। उसने इस मुद्दे पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण पर रोक लगाई थी।
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में पक्षकार बनाने का आवेदन दिया है। साथ ही कहा कि पंचायतों में समुदाय का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कराए बिना चुनाव संविधान की मूल भावना के विपरीत होगा। केंद्र सरकार ने यह सुझाव भी दिया है कि वैकल्पिक तौर पर चुनाव चार महीने के लिए टाले जा सकते हैं। तीन महीने के भीतर आयोग से रिपोर्ट ली जा सकती है।
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