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मध्य प्रदेश: किसान से गेहूं तुलाई में अवैध वसूली पर बोले संचालक- चपरासी से अफसरों तक का होता है हिस्सा

Thu, 28 Apr 2022 02:39 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 28 Apr 2022 02:39 PM IST
सार

किसानों से गेहूं तुलाई के नाम पर अवैध वसूली और वसूली का पैसा कहां जा रहा है। इसे लेकर एक वीडियो वायरल हो रहा है। किसान के बेटे ने इसे चोरी-छिपके बनाया है, जिसमें केंद्र संचालक पैसे लेने और बांटने का गणित समझाते दिख रहे हैं। अब प्रशासन वीडियो की जांच करा रहा है। 

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Madhya Pradesh: Operator said on illegal recovery in wheat weighing from farmer - the share is from peons to officers
वीडियो में खरीदी केंद्र के संचालक वसूली का पूरा गणित समझाते नजर आ रहे हैं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश में एक वीडियो के वायरल होने के बाद पता चला है कि किसानों से गेहूं तुलाई के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। पैसा नहीं देने पर तुलाई के लिए परेशान किया जाता है। वीडियो में खरीदी केंद्र के संचालक वसूली का पूरा गणित समझाते नजर आ रहे हैं। अब जिला प्रशासन ने जांच के लिए कमेटी बना दी है।
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जानकारी के अनुसार वीडियो सागर के रहली क्षेत्र स्थित चांदपुर खरीदी केंद्र का है। इसमें खरीदी केंद्र के संचालक अजय गोस्वामी का चेहरा नजर आ रहा है। ये वीडियो एक किसान के बेटे ने बनाया है। गोस्वामी गेहूं तुलाई वा फीडिंग कराने के नाम पर रुपए की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि किसान पहले ही स्लॉट बुक करा चुका था लेकिन केंद्र संचालक को पैसे नहीं देने से उसकी तुलाई नहीं हो पा रही थी। इससे परेशान होकर किसान के बेटे ने वीडियो बनाकर वायरल किया है ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।
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वीडियो में संचालक कह रहे हैं कि खरीदी वैसे ही कम हो रही है। इनकम हो ही नहीं रही है। तुम लोगों के सहयोग से ही 5-6 लाख रुपये एकत्र हो पाते हैं। हर ऑफिस में चपरासी से लेकर अधिकारियों तक पैसे देना पड़ते हैं। कहीं पर भी गाड़ियां रुक जाती हैं उसमें पैसे लगते हैं।
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जब किसान के बेटा पैसे देने से इनकार करता है तो वे कहते हैं कि ये चीजें अड़ीबाजी से नहीं होती, अपने संबंध, अपने रिलेशन से होती हैं। हम गला दबाकर पैसे नहीं मांग रहे। हम तो कहीं से भी एडजस्ट कर लेते, गुणा-भाग कर लेते तुम्हें पता भी नहीं चलता। यदि पैसे नहीं देना है तो उसका रास्ता अलग है। कुछ पैसे पार्टी फंड में दे दो तो अभी तुलाई करवा देता हूं। बोल दूंगा पार्टी फंड में पैसे दिए हैं, मुझे भी पार्टी फंड में एक लाख जमा करने का लिखित में कहा है। अब इस वीडियो का सच जानने के लिए जिला प्रशासन ने कमेटी बना दी है।
 
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