{"_id":"618912a425afb5453e60e752","slug":"madhya-pradesh-lord-mahakal-gave-darshan-in-the-form-of-chandramouleshwar-the-first-ride-of-kartik-aghan-month-came-out","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य प्रदेश: चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में भगवान महाकाल ने दिए दर्शन, निकली कार्तिक-अगहन मास की पहली सवारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्य प्रदेश: चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में भगवान महाकाल ने दिए दर्शन, निकली कार्तिक-अगहन मास की पहली सवारी
Mon, 08 Nov 2021 05:36 PM IST
सुभाष कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: सुभाष कुमार
Updated Mon, 08 Nov 2021 05:36 PM IST
सार
सोमवार को शाम 4 बजे भगवान के चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का पूजन किया गया। इसके बाद पुजारी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी ने पालकी को कंधे पर उठाकर सवारी की शुरुआत की।
विज्ञापन
कार्तिक-अगहन माह में प्रतिवर्ष महाकालेश्वर भगवान की चार सवारियां निकाली जाती है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भगवान महाकालेश्वर की कार्तिक-अगहन माह में निकलने वाली पहली सवारी सोमवार को निकली। महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में विधिवत पूजन के बाद सवारी आरंभ हुई जो अलग अलग मार्गों में पहुंची। कोविड प्रोटोकॉल के चलते इस बार सवारी मार्ग का स्वरूप सीमित किया गया।
विज्ञापन
कार्तिक-अगहन माह में प्रतिवर्ष महाकालेश्वर भगवान की चार सवारियां निकाली जाती है। पहली सवारी सोमवार को निकली और इसी माह के आगामी सोमवार को बाकी की सवारियां निकाली जाएगी। 17 नवंबर को हरि-हर मिलन होगा और आकर्षक सवारी निकलेगी। सोमवार को शाम 4 बजे भगवान के चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का पूजन किया गया। इसके बाद पुजारी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी ने पालकी को कंधे पर उठाकर सवारी की शुरुआत की।
विज्ञापन
दर्शन के लिए लोग दिखे लालायित
महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर सवारी बड़ा गणपति मंदिर के सामने पहुंची। यहां से हरसिद्धि मंदिर के पीछे नरसिंह घाट रोड से होते हुए रामघाट पहुंची। शिप्रा जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद रामानुजकोट, हरसिद्धि पाल से मंदिर के सामने होते हुए वापस महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। सवारी के दर्शन के लिए लोग लालायित दिखे। पलक पावड़े बिछाकर लोग भगवान महाकाल के दर्शन करना चाहते थे।
विज्ञापन
