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मध्यप्रदेश लोकसभा चुनाव 2019 रिजल्ट: साध्वी प्रज्ञा के बयानों को पार्टी ने नकारा, जनता ने नहीं

Thu, 23 May 2019 10:45 PM IST
योगेश साहू इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला Published by: योगेश साहू Updated Thu, 23 May 2019 10:45 PM IST
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Madhya Pradesh Lok Sabha Elections 2019 Result: Party rejects statements of Sadhvi Pragya not public
साध्वी प्रज्ञा - फोटो : Social media
लोकसभा चुनाव 2019 में मध्यप्रदेश की भोपाल सीट पर भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कांग्रेस के प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खिलाफ 364822 वोटों से जीत दर्ज कर ली। 17वीं लोकसभा के गठन के लिए मध्यप्रदेश में वोटिंग भी बंपर हुई। चुनाव आयोग ने बताया कुल 71.10 प्रतिशत मतदान हुआ। इसमें 73.54 प्रतिशत पुरुषों और 68.46 प्रतिशत महिलओं ने वोट दिया। बहरहाल, भोपाल लोकसभा सीट पूरे चुनाव में देश की सबसे हॉट सीट में शुमार रही। कारण कि बीजेपी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में बनी रहीं। हालांकि, चुनाव खत्म होने के बाद उन्होंने प्रायश्चित कर मौन व्रत धारण करने का फैसला किया।
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पहला बयानः शहीद हेमंत करकरे को लेकर दिया
2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भाजपा से टिकट मिलने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से जो बयान दिया, वह विवादित हो गया । साध्वी ने मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले में शहीद पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे को लेकर ये बयान दिया था। साध्वी ने कहा था कि उन्होंने करकरे को श्राप दिया था, जिसके कारण करकरे की आतंकवादी हमले में मौत हो गई। हालांकि इस बयान पर साध्वी ने बाद में माफी मांग ली थी।
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दूसरा बयानः पार्टी ने अनुशासित रहने के लिए कहा
करकरे पर बयान के बाद साध्वी ने बाबरी ढांचे को ढहाने में शामिल होने का बयान दिया, लेकिन इस पर भी विवाद पैदा हो गया। प्रज्ञा ने एक टीवी चैनल से कहा, बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने का अफसोस नहीं है, ढांचा गिराने पर तो हम गर्व करते हैं। हमारे प्रभु रामजी के मंदिर पर अपशिष्ट पदार्थ थे, उनको हमने हटा दिया बयान पर मचे शोर के बाद बीजेपी ने प्रज्ञा को चुप रहने तक की सलाह दी थी। पार्टी ने साध्वी को अनुशासित रहने को कहा और चुनाव आयोग ने 72 घंटे के लिए प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया था।

तीसरा बयानः गोडसे को देशभक्त बताकर, पलटीं प्रज्ञा
लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले प्रचार के दौरान अभिनेता से नेता बने मक्कल नीधि मय्यम के संस्थापक कमल हासन के ‘देश का पहला आतंकी हिंदू था’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। उन्होंने कहा था, 'गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि गोडसे को आतंकवादी कहने वाले स्वयं के गिरेबां में झांककर देखें…चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा। हालांकि, उनके इस बयान पर कुछ ही देर बाद पार्टी ने किनारा कर लिया और कड़ी निंदा करते हुए उन्हें सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की हिदायत दे डाली थी ।

चौथा बयानः साध्वी ने दिग्विजय सिंह को बता दिया था आतंकवादी
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को आतंकवादी बताने वाला बयान दिया था । उन्होंने यह बयान सीहोर में चुनाव प्रचार कार्यालय का उद्घाटन करते हुए दिया था। उन्होंने कहा कि राज्य में 16 साल पहले उमा दीदी ने हराया था और वह 16 साल मुंह नहीं उठा पाया, और राजनीति कर लेता इसकी कोशिश नहीं कर पाया। अब फिर से सिर उठा है तो दूसरी संन्यासी सामने आ गई है जो उसके कर्मों का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर ऐसे आतंकी का समापन करने के लिए संन्यासी को खड़ा होना पड़ा है।
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आखिरी चरण में भाजपा ने रोड शो से बाहर रखा
साध्वी प्रज्ञा को उनके बयानों के बाद आखिरी चरण के चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने रोड शो से दूर रखा। दरअसल, उन्हें खंडवा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार नंदकुमार सिंह के पक्ष में बुरहानपुर में रोड शो करना था। हालांकि प्रज्ञा ने स्वास्थ्य ठीक नहीं होने का कारण बताया और रोड शो में शामिल न होकर होटल के कमरे में ही रहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा- कभी दिल से माफ नहीं कर पाऊंगा
साध्वी प्रज्ञा के नाथूराम गोडसे को लेकर दिए विवादित बयान के बाद भाजपा ने जहां एक ओर उनसे किनारा कर लिया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाखुशी जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने खरगोन में चुनावी सभा के दौरान एक टीवी चैनल से कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे को देशभक्त बताया जाना उनका अपमान है। उन्होंने कहा कि वह इस टिप्पणी के लिए साध्वी प्रज्ञा को कभी दिल से माफ नहीं कर पाएंगे। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भी उनकी निंदा की थी। 

लोकसभा चुनाव के परिणाम से एक दिन पहले लिया मौनव्रत
अपने विवादित बयानों को लेकर चौतरफा घिरीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आने से ठीक एक दिन पहले माफी मांगते हुए मौन व्रत रखने का फैसला किया। अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा, 'चुनावी प्रक्रियाओं के उपरान्त अब समय है चिंतन मनन का, इस दौरान मेरे शब्दों से समस्त देशभक्तों को यदि ठेस पहुंची है तो मैं क्षमाप्रार्थी हूं और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अंतर्गत प्रायश्चित हेतु 21 पहर के मौन व कठोर तपस्यारत हो रही हूं। हरिः ॐ।'
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