कमलनाथ ने बताया क्यों नहीं हुआ बसपा से गठबंधन, कहा- अखिलेश से चल रही बात
साल के अंत में मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे मे भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस रणनीति बना रही है। क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर उसने भाजपा के विजय रथ को रोकने की तैयारी कर ली है। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने कांग्रेस का साथ छोड़कर मध्यप्रदेश और राजस्थान में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। गठबंधन से बाहर होने की घोषणा करते समय बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता नहीं चाहते कि भाजपा चुनाव हारे। ऐसे लोगों ने कांग्रेस और बसपा का गठबंधन नहीं होने दिया।
इसी बीच कांग्रेस मध्यप्रदेश इकाई के प्रमुख कमलनाथ ने मायावती के गठबंधन से बाहर होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बसपा ने जिन सीटों की हमें सूची दी थी वहां उसके जीतने के कोई आसार नहीं थे और जिन सीटों पर वह चुनाव जीत सकते थे उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया था। कुछ दिनों पहले मैंने अखिलेश यादव से बात की है। हम उनके साथ बातचीत कर रहे हैं।
कमलनाथ के बयान से एक बात साफ हो गई है कि आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन कर सकती है। बता दें कि राज्य में पिछले 15 ससालों से भाजपा की सरकार है। कांग्रेस का लक्ष्य जहां राज्य की सत्ता को भाजपा से छीनकर अपने हाथों में लेने का है। वहीं भाजपा विकास के दम पर दोबारा सत्ता पर काबिज होना चाहती है।
हालांकि बुधवार को अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती की तरफदारी करते हुए और कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाने की नसीहत दी थी। तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के संबंध में अखिलेश ने कहा था कि, 'कांग्रेस को समान विचारधारा वाले दलों को साथ लेकर चलना चाहिए। कांग्रेस अच्छी पार्टी है, उसे दिल बड़ा करना चाहिए।' यादव का इशारा मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों की तरफ था। उन्होंने कहा कि गठबंधन की जिम्मेदारी कांग्रेस की है। उसे समान विचारधारा के दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ना चाहिए।
I had spoken to Akhilesh Yadav a few days ago, we are in talks with them: Madhya Pradesh Congress Chief Kamal Nath on a possible alliance with Samajwadi Party for upcoming assembly elections in Madhya Pradesh pic.twitter.com/BpXWtKPg7y
— ANI (@ANI) October 4, 2018
