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मध्य प्रदेश: बड़वानी जिले में आदिवासी महिलाओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच देने के आरोप में दंपती गिरफ्तार
Sat, 11 Dec 2021 03:20 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बडवानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बडवानी
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sat, 11 Dec 2021 03:20 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में आदिवासी महिलाओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच देने के आरोप में पुलिस ने एक दंपती को गिरफ्तार किया है। इन्हें राजपुर थाना पुलिस ने पकड़ा है। पैसा, मुफ्त शिक्षा, दवाई, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लालच देने का आरोप है।
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बडवानी का राजपुर थाना, जिसने धर्मांतरण के मामले में कार्रवाई की।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश की बड़वानी पुलिस ने बहला-फुसलाकर आदिवासियों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के आरोप में एक दंपती को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अनार सिंह जामरे, उम्र-35 वर्ष और उसकी पत्नी लक्ष्मी जामरे, उम्र-32 वर्ष, निवासी नवलपुरा ग्राम को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मादिल गांव के प्रकाश चौहान ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके आधार पर ही गिरफ्तारी हुई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जामरे दंपती आदिवासी महिलाओं को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। दंपती ने महिलाओं को घर बुलाया और फिर ईसाई धर्म अपनाने के बदले में उन्हें पैसा, फ्री शिक्षा, फ्री दवाएं, रोजगार और अन्य सुविधाएं देने का लालच दिया। पुलिस ने दंपती के घर से साहित्य, पेन ड्राइव और अन्य सामग्री बरामद की है। हालांकि, स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया है।
अपराध है लालच देकर धर्मांतरण करवाना
संशोधित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करना अपराध है। इसमें शादी का लालच देकर धर्मांतरण कराना भी शामिल है। अगर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और नाबालिगों का धर्मांतरण करवाया जाता है तो 10 साल तक की जेल और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है। पिछले महीने पुलिस ने धर्मांतरण के मामले में खरगौन और झाबुआ जिलों में 11 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 7 राजस्थान और गुजरात से थे। पुलिस ने खरगौन जिले में इटानगर (अरुणाचल प्रदेश) के पेस्टर के खिलाफ भी केस दर्ज किया था।
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विदिशा के गंजबासोदा में हुआ था प्रदर्शन
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने 6 दिसंबर को विदिशा जिले के गंजबासोदा में सेंट जोसेफ स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया था। पथराव किया था और स्कूल में तोड़फोड़ भी की थी। उनका आरोप था कि स्कूल के आठ स्टूडेंट्स का धर्मांतरण कराया गया है। बाद में तोड़फोड़ के मामले में हिंदू संगठनों के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा था- फॉरेन फंडिंग लेने वाले एनजीओ की जांच होगी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 नवंबर को आयोजित एक बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को फॉरेन फंडिंग लेने वाले एनजीओ के खिलाफ जांच करने के निर्देश दिए थे। इनमें वह संगठन भी शामिल हैं, जो विदेश से आर्थिक मदद लेकर लोगों को धर्मांतरण के लिए उकसा रहे हैं। लालच देने के लिए वे विदेशी फंड का इस्तेमाल करते हैं।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार अनार सिंह जामरे, उम्र-35 वर्ष और उसकी पत्नी लक्ष्मी जामरे, उम्र-32 वर्ष, निवासी नवलपुरा ग्राम को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मादिल गांव के प्रकाश चौहान ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके आधार पर ही गिरफ्तारी हुई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जामरे दंपती आदिवासी महिलाओं को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। दंपती ने महिलाओं को घर बुलाया और फिर ईसाई धर्म अपनाने के बदले में उन्हें पैसा, फ्री शिक्षा, फ्री दवाएं, रोजगार और अन्य सुविधाएं देने का लालच दिया। पुलिस ने दंपती के घर से साहित्य, पेन ड्राइव और अन्य सामग्री बरामद की है। हालांकि, स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया है।
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अपराध है लालच देकर धर्मांतरण करवाना
संशोधित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करना अपराध है। इसमें शादी का लालच देकर धर्मांतरण कराना भी शामिल है। अगर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और नाबालिगों का धर्मांतरण करवाया जाता है तो 10 साल तक की जेल और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है। पिछले महीने पुलिस ने धर्मांतरण के मामले में खरगौन और झाबुआ जिलों में 11 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 7 राजस्थान और गुजरात से थे। पुलिस ने खरगौन जिले में इटानगर (अरुणाचल प्रदेश) के पेस्टर के खिलाफ भी केस दर्ज किया था।
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विदिशा के गंजबासोदा में हुआ था प्रदर्शन
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने 6 दिसंबर को विदिशा जिले के गंजबासोदा में सेंट जोसेफ स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया था। पथराव किया था और स्कूल में तोड़फोड़ भी की थी। उनका आरोप था कि स्कूल के आठ स्टूडेंट्स का धर्मांतरण कराया गया है। बाद में तोड़फोड़ के मामले में हिंदू संगठनों के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा था- फॉरेन फंडिंग लेने वाले एनजीओ की जांच होगी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 नवंबर को आयोजित एक बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को फॉरेन फंडिंग लेने वाले एनजीओ के खिलाफ जांच करने के निर्देश दिए थे। इनमें वह संगठन भी शामिल हैं, जो विदेश से आर्थिक मदद लेकर लोगों को धर्मांतरण के लिए उकसा रहे हैं। लालच देने के लिए वे विदेशी फंड का इस्तेमाल करते हैं।
