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मध्यप्रदेश: अवैध खनन पर कांग्रेस नेता कंसाना बोले- ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से लाओ रेत, वीडियो वायरल
Wed, 23 Jan 2019 01:47 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 23 Jan 2019 01:47 PM IST
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ऐदल सिंह कंसाना (फाइल)
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सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद भी चंबल से रेत के अवैध खनन पर लगाम नहीं लग पा रही है। सुमावली से कांग्रेस विधायक ऐदल सिंह कंसाना का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे रेत के अवैध खनन करने वालों को संरक्षण देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कंसाना एक पंचायत कर रहे हैं और मोबाइल पर किसी से कह रहे हैं कि शहर में ट्रकों की बजाए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत डालना।
वायरल वीडियो पर क्या बोले कंसाना
इस वायरल वीडियो पर ऐदन सिंह कंसाना का कहना है कि मुरैना विधानसभा में चंबल रेत का अवैध खनन नहीं हो रहा है। गांव के लोग पेट पालने के लिए खेतों में एकत्रित रेत ला रहे हैं। इलाके का विधायक होने के नाते लोग समस्याएं लेकर आते हैं। इसलिए लोगों के बीच ऐसी पंचायतें होती रहतीं हैं।
कंसाना ने आगे कहा, "कुछ लोग वीडियो वायरल कर मुझ पर उंगली उठा रहे हैं, मैं उनसे दबने वाला नहीं हूं। रेत के अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए मेरी मुख्यमंत्री कमलनाथ जी से चर्चा हुई है। हम जल्द ही पंचायतों के जरिए जनहित में चंबल, क्वारी, आसन नदी पर रेत खदानों को चालू कराएंगे।"
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अवैध खनन से हर साल 100 करोड़ का धंधा
चंबल के रेत के अवैध खनन और परिवहन से हर साल 100 करोड़ रुपये सालाना का कारोबार होता है। तकरीबन 5000 से ज्यादा लोग इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। चंबल के आधा दर्जन से अधिक घाटों पर हाइड्रा, पोकलेन मशीन समेत जेसीबी का इस्तेमाल कर रेत का खनन और परिवहन किया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने भी लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जब चंबल अभ्यारण्य से रेत का अवैध खनन और परिवहन जारी रहा तो ग्वालियर के एक वकील ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रेत के व्यापार पर रोक लगाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने चंबल से रेत के खनन व परिवहन पर प्रतिबंध लगाया। इसके पालन में सरकार ने संभाग और जिला स्तर पर टास्क फोर्स बनाए।
जिला स्तरीय टास्क फोर्स में प्रशासन, पुलिस, वनमंडल व खनिज विभाग के आला अधिकारी शामिल होने के बाद भी मुरैना में चंबल के रेत के खनन और परिवहन पर रोक नहीं लग सकी। आज भी सात थाना क्षेत्रों की पुलिस के सामने से चंबल रेत से भरे डंपर, ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राली गुजरते हैं।
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वायरल वीडियो पर क्या बोले कंसाना
इस वायरल वीडियो पर ऐदन सिंह कंसाना का कहना है कि मुरैना विधानसभा में चंबल रेत का अवैध खनन नहीं हो रहा है। गांव के लोग पेट पालने के लिए खेतों में एकत्रित रेत ला रहे हैं। इलाके का विधायक होने के नाते लोग समस्याएं लेकर आते हैं। इसलिए लोगों के बीच ऐसी पंचायतें होती रहतीं हैं।
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कंसाना ने आगे कहा, "कुछ लोग वीडियो वायरल कर मुझ पर उंगली उठा रहे हैं, मैं उनसे दबने वाला नहीं हूं। रेत के अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए मेरी मुख्यमंत्री कमलनाथ जी से चर्चा हुई है। हम जल्द ही पंचायतों के जरिए जनहित में चंबल, क्वारी, आसन नदी पर रेत खदानों को चालू कराएंगे।"
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अवैध खनन से हर साल 100 करोड़ का धंधा
चंबल के रेत के अवैध खनन और परिवहन से हर साल 100 करोड़ रुपये सालाना का कारोबार होता है। तकरीबन 5000 से ज्यादा लोग इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। चंबल के आधा दर्जन से अधिक घाटों पर हाइड्रा, पोकलेन मशीन समेत जेसीबी का इस्तेमाल कर रेत का खनन और परिवहन किया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने भी लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जब चंबल अभ्यारण्य से रेत का अवैध खनन और परिवहन जारी रहा तो ग्वालियर के एक वकील ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रेत के व्यापार पर रोक लगाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने चंबल से रेत के खनन व परिवहन पर प्रतिबंध लगाया। इसके पालन में सरकार ने संभाग और जिला स्तर पर टास्क फोर्स बनाए।
जिला स्तरीय टास्क फोर्स में प्रशासन, पुलिस, वनमंडल व खनिज विभाग के आला अधिकारी शामिल होने के बाद भी मुरैना में चंबल के रेत के खनन और परिवहन पर रोक नहीं लग सकी। आज भी सात थाना क्षेत्रों की पुलिस के सामने से चंबल रेत से भरे डंपर, ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राली गुजरते हैं।
