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सरकार के एक महीने पूरे होने पर खुलकर बोले कमलनाथ, कर्जमाफी, मेट्रो, पेंशन हर फैसले के बारे में बताया
Fri, 18 Jan 2019 12:03 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 18 Jan 2019 12:03 PM IST
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Kamalnath
- फोटो : social media
मध्यप्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि 'जय किसान फसल ऋण माफी योजना' का प्रमाणपत्र सबसे पहले उन किसान परिवारों को दिया जाएगा जिनके परिजनों ने कर्ज की वजह से आत्महत्या किया है। मंत्रिमंडल की गुरुवार रात भोपाल में हुई बैठक में किसानों की कर्ज माफी के लिए बनी योजना को लागू किए जाने की समीक्षा की गई और तभी इस बारे में फैसला लिया गया।
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क्या आम चुनाव के चलते कर्जमाफी की प्रक्रिया धीमी होगी, इस सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा, "हम आचार संहिता को कर्जमाफी में आड़े नहीं आने देंगे। सारा कार्यक्रम इसी आधार पर बनाया गया है।"
इसी तरह 31 मार्च 2018 तक कर्ज लेने वाले किसानों ने यदि 12 दिसंबर 2018 के बीच पूरा या आंशिक रूप से कर्ज चुका दिया है तो उन्हें भी कर्ज माफी योजना का लाभ मिलेगा। मंत्रियों ने कुछ जगहों पर फार्म नहीं पहुंचने की जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि यह समस्या जल्द खत्म हो जाएगी। बताया जा रहा है कि 17 जनवरी तक 3 लाख 49 हजार किसानों ने कर्ज माफी के लिए आवेदन कर दिया है।
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कर्जमाफी के लिए जनता पर कोई टैक्स नहीं
मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार ने गुरुवार को एक महीने का कार्यकाल पूरा किया। कमलनाथ ने कहा कि सरकार का मानना है कि 'जय किसान फसल ऋण माफी योजना' का फायदा सबसे पहले उन किसान परिवारों को मिलना चाहिए जिनके परिवार के किसी सदस्य ने कर्ज के कारण अपनी जीवन खत्म कर लिया। उन्होंने आगे कहा कि कर्जमाफी योजना को लागू करने के लिए जरूरी धन के लिए सरकार जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाएगी। इसके लिए सरकार के पास उचित और कारगर योजना है। कमलनाथ ने कहा कि सरकार हर हाल में 22 फरवरी से पहले ऋण मुक्ति का प्रमाणपत्र बांटना शुरू कर देगी।
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आचार संहिता कर्जमाफी में आड़े नहीं आएगी
मंत्रिमंडल की बैठक में ‘जय किसान फसल ऋणमाफी योजना’ के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से मंगलवार ही 'जय किसान फसल ऋणमाफी योजना' का एलान किया गया था। मध्य प्रदेश में कर्जमाफी के आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ कई किसानों पर फर्जी तौर पर कर्ज होने के मामले भी सामने आने लगे हैं। इस पर कमलनाथ ने कहा, "ऋण माफी की प्रक्रिया में फर्जी ऋण देने के कई मामले सामने आए हैं। हम इनकी जांच करवा रहे हैं और जो भी जिम्मेदार है, उन पर सख्त कार्रवाई करेंगे।"
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क्या आम चुनाव के चलते कर्जमाफी की प्रक्रिया धीमी होगी, इस सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा, "हम आचार संहिता को कर्जमाफी में आड़े नहीं आने देंगे। सारा कार्यक्रम इसी आधार पर बनाया गया है।"
कर्जमाफी का इन किसानों को मिलेगा लाभ
बैठक में मंत्रियों ने कहा कि कर्जमाफी की कटऑफ डेट (जिस तारीख तक का कर्ज माफ होना है) को लेकर संशय बना हुआ है। इस पर बताया गया कि 31 मार्च 2018 तक ऋण लेने वाले किसानों की दो लाख रुपये तक की कर्ज माफी होगी।इसी तरह 31 मार्च 2018 तक कर्ज लेने वाले किसानों ने यदि 12 दिसंबर 2018 के बीच पूरा या आंशिक रूप से कर्ज चुका दिया है तो उन्हें भी कर्ज माफी योजना का लाभ मिलेगा। मंत्रियों ने कुछ जगहों पर फार्म नहीं पहुंचने की जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि यह समस्या जल्द खत्म हो जाएगी। बताया जा रहा है कि 17 जनवरी तक 3 लाख 49 हजार किसानों ने कर्ज माफी के लिए आवेदन कर दिया है।
