कमलनाथ बोले- मैं शिवराज से कभी नाराज नहीं हुआ तो सिंधिया से क्या होऊंगा?
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच जारी शीत युद्ध आजकप चर्चा में है। इसी बीच मंगलवार को सीएम कमलनाथ ने अपने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर जो बयान दिया है उससे उनके बीच रिश्ते सुलझने के संकेत मिले हैं।
सीएम कमलनाथ ने कहा कि मैं कभी किसी से नाराज नहीं होता... मैं कभी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से नाराज नहीं हुआ तो सिंधिया से क्यों होउंगा। कमलनाथ ने यह टिप्पणी मीडिया के सवालों के जवाब में की।
Madhya Pradesh CM Kamal Nath on Jyotiraditya Scindia: Main kabhi kisi se naraz nahi hota...main kabhi Shivraj Singh (Former MP CM) se naraz nahi hua toh Scindia se kyun hunga pic.twitter.com/xgYPNRjQtt
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 18, 2020
सिंधिया ने कहा था अगर काम नहीं होगा तो सड़क पर उतरना होगा
इससे पहले सोमवार को सिंधिया ने ग्वालियर में कहा था कि मैं जनता का सेवक हूं, जनता के मुद्दों के लिए लड़ना मेरा धर्म है। सिंधिया ने कहा हमें सब्र रखना है और अगर जिन मुद्दों को हमने अपने वचनपत्र में रखा है उनको हमें पूरा करना ही होगा। अगर नहीं होगा तो हमें सड़क पर उतरना होगा।
सिंधिया-कमलनाथ विवाद में कूदी भाजपा
इसी बीच भाजपा विधायक रमेश मेंदोला ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर उनके प्रति सहानुभूति जताते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ के व्यवहार की आलोचना की है। मेंदोला ने पत्र में लिखा कि कांग्रेस का वचनपत्र याद दिलाने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सार्वजनिक तौर पर आपके साथ जो व्यवहार किया वो दुखद और पीड़ादायी है। उससे आपकी पीड़ा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मेंदोला ने इस पत्र के माध्यम से सिंधिया को इंदौर में भगवान हनुमान की अष्टधातु से निर्मित विराट प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुरू हुए समारोह में आमंत्रित भी किया है। उन्होंने लिखा है कि यह आमंत्रण पत्र शुभ भाव से प्रेरित है और इसमें राजनीति या कोई और अर्थ मत निकालिएगा।
