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मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले- सरकार गेहूं निर्यातकों को देगी सभी आवश्यक सुविधाएं
Wed, 30 Mar 2022 11:24 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 30 Mar 2022 11:24 AM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को गेहूं निर्यातकों के साथ बैठक की। उच्च स्तरीय बैठक में निर्यातक और केन्द्र सरकार के अधिकारी प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से शामिल हुए। सीएम ने कहा कि सरकार गेहूं निर्यातकों को सभी आवश्यक सुविधाएं देगी।
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शिवराज ने गेहूं निर्यातकों के साथ की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को गेहूं निर्यातकों के साथ बैठक की। उच्च स्तरीय बैठक में निर्यातक और केन्द्र सरकार के अधिकारी प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से शामिल हुए। सीएम ने कहा कि सरकार गेहूं निर्यातकों को सभी आवश्यक सुविधाएं देगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार गेहूं के निर्यात पर निर्यातकों का मंडी शुल्क की वास्तविक प्रतिपूर्ति देगी। इसके अलावा प्रदेश में क्लीनिंग, ग्रेडिंग, सॉर्टिंग कर निर्धारित वैरायटी का गेहूं ग्रेड ए और बी के मानिक अनुसार किसानों को खरीद कर निर्यात करने पर ग्रेडिंग और सॉर्टिंग में लगने वाले खर्च की निर्यातकों को प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराएंगी। सरकार द्वारा भंडारित अतिरिक्त गेहूं के स्टाक का प्राथमिकता से निर्यात और प्रदेश के शासकीय गोदामों को उपलब्ध करवाने पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निर्यातकों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवाएगी। राज्य सरकार की मंशा है कि मुख्य निर्यातक मध्यप्रदेश से जुड़ जाएं। भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालय, रेलवे, पोर्ट ट्रस्ट, भारतीय दूतावास, गेहूं के रिकार्ड निर्यात के लिए प्रयासरत है। चौहान ने कहा है कि वर्तमान में विश्व बाजार में गुणवत्ता पूर्ण गेहूं की मांग को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश शासन निर्यातकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा। मध्यप्रदेश का गेहूं एमपी व्हीट के नाम से जाना जाता है।
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वर्तमान में उच्च निर्यात क्षमता के देशों जैसे इजिप्ट, टर्की, अल्जीरिया, नाइजीरिया, तंजानिया आदि के बाजारों तक भारतीय एम्बेसी के सहयोग से पहुंच बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न पोर्ट ट्रस्ट गेहूं के निर्यात के लिए तात्कालिक भण्डारण के प्रबंध और गेहूं के जहाजों को प्राथमिकता के लिए सहमत हैं। निर्यात की मात्रा पर भुगतान की जाने वाली मंडी फीस की निर्यातक को प्रतिपूर्ति का कार्य मध्यप्रदेश सरकार करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को लाभान्वित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। निर्यात संबंधी प्रक्रिया की अड़चनों को दूर किया जाएगा। भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को साकार करने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं का निर्यात कृषक हित में भी है, निर्यातकों के भी हित में है, साथ ही राष्ट्र हित में है। भारत से गेहूं और अन्य उत्पादों का निर्यात सभी के लिए लाभदायक है। रेल मंत्रालय आवश्यक रैक उपलब्ध करवाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 मार्च को नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में निर्यातकों से बातचीत कर चुके हैं।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार गेहूं के निर्यात पर निर्यातकों का मंडी शुल्क की वास्तविक प्रतिपूर्ति देगी। इसके अलावा प्रदेश में क्लीनिंग, ग्रेडिंग, सॉर्टिंग कर निर्धारित वैरायटी का गेहूं ग्रेड ए और बी के मानिक अनुसार किसानों को खरीद कर निर्यात करने पर ग्रेडिंग और सॉर्टिंग में लगने वाले खर्च की निर्यातकों को प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराएंगी। सरकार द्वारा भंडारित अतिरिक्त गेहूं के स्टाक का प्राथमिकता से निर्यात और प्रदेश के शासकीय गोदामों को उपलब्ध करवाने पर भी चर्चा की।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निर्यातकों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवाएगी। राज्य सरकार की मंशा है कि मुख्य निर्यातक मध्यप्रदेश से जुड़ जाएं। भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालय, रेलवे, पोर्ट ट्रस्ट, भारतीय दूतावास, गेहूं के रिकार्ड निर्यात के लिए प्रयासरत है। चौहान ने कहा है कि वर्तमान में विश्व बाजार में गुणवत्ता पूर्ण गेहूं की मांग को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश शासन निर्यातकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा। मध्यप्रदेश का गेहूं एमपी व्हीट के नाम से जाना जाता है।
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वर्तमान में उच्च निर्यात क्षमता के देशों जैसे इजिप्ट, टर्की, अल्जीरिया, नाइजीरिया, तंजानिया आदि के बाजारों तक भारतीय एम्बेसी के सहयोग से पहुंच बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न पोर्ट ट्रस्ट गेहूं के निर्यात के लिए तात्कालिक भण्डारण के प्रबंध और गेहूं के जहाजों को प्राथमिकता के लिए सहमत हैं। निर्यात की मात्रा पर भुगतान की जाने वाली मंडी फीस की निर्यातक को प्रतिपूर्ति का कार्य मध्यप्रदेश सरकार करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को लाभान्वित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। निर्यात संबंधी प्रक्रिया की अड़चनों को दूर किया जाएगा। भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को साकार करने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं का निर्यात कृषक हित में भी है, निर्यातकों के भी हित में है, साथ ही राष्ट्र हित में है। भारत से गेहूं और अन्य उत्पादों का निर्यात सभी के लिए लाभदायक है। रेल मंत्रालय आवश्यक रैक उपलब्ध करवाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 मार्च को नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में निर्यातकों से बातचीत कर चुके हैं।
