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मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षा से हेल्पलाइन पर आई फोन कॉल्स की बाढ़, पूछ रहे गंभीर सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Mon, 26 Feb 2018 05:52 PM IST
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बोर्ड परीक्षाओं के शुरू होने पर बस तीन दिन बचे हैं, ऐसे समय में मध्यप्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (एमपीबएसई) की हेल्पलाइन हजारों कॉल से घनघना चुकी है। हेल्पलाइन में साढ़े ग्यारह हजार से ज्यादा फोन कॉल आ चुके हैं।
इन फोन कॉल में ज्यादातर विद्यार्थियों ने परीक्षा से जुड़े तनाव से निपटने में मदद मांगी है। काउंसलर हिना काजी ने कहा कि पिछले एक हफ्ते से परीक्षा के तनाव से जुड़े फोन कॉल बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं, क्योंकि परीक्षा नजदीक आ रही है।
काजी ने बताया, 'जैसे जैसे बोर्ड परीक्षा की तारीख नजदीक आती जा रही है, हमें एक शिफ्ट में दो सौ से ज्यादा फोन कॉल आ रहे हैं। एक शिफ्ट चार घंटों की होती है। तनाव संबंधी कॉल बहुत ज्यादा हैं और हम उनमें से हर एक के साथ बेहद सावधानी से बात कर रहे हैं। ज्यादातर छात्र परीक्षा से संबंधित दबाव से निपटने के तरीकों को जानने में उत्सुक हैं।'
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काजी ने बताया कि हेल्पलाइन सेवा 16 जनवरी को शुरू हुई थी और 25 फरवरी तक 11,589 फोन कॉल्स आ चुके थे। काउंसलर का कहना है कि सिर्फ 40 दिनों के भीतर फॉन कॉल्स की संख्या बेतहाशा बढ़ी हैं क्योंकि हजारों विद्यार्थी तनाव से निपटने के गंभीर सवाल को सुलझाने में शिद्दत से मदद ढूंढ रहे हैं।
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इन फोन कॉल में ज्यादातर विद्यार्थियों ने परीक्षा से जुड़े तनाव से निपटने में मदद मांगी है। काउंसलर हिना काजी ने कहा कि पिछले एक हफ्ते से परीक्षा के तनाव से जुड़े फोन कॉल बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं, क्योंकि परीक्षा नजदीक आ रही है।
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काजी ने बताया, 'जैसे जैसे बोर्ड परीक्षा की तारीख नजदीक आती जा रही है, हमें एक शिफ्ट में दो सौ से ज्यादा फोन कॉल आ रहे हैं। एक शिफ्ट चार घंटों की होती है। तनाव संबंधी कॉल बहुत ज्यादा हैं और हम उनमें से हर एक के साथ बेहद सावधानी से बात कर रहे हैं। ज्यादातर छात्र परीक्षा से संबंधित दबाव से निपटने के तरीकों को जानने में उत्सुक हैं।'
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काजी ने बताया कि हेल्पलाइन सेवा 16 जनवरी को शुरू हुई थी और 25 फरवरी तक 11,589 फोन कॉल्स आ चुके थे। काउंसलर का कहना है कि सिर्फ 40 दिनों के भीतर फॉन कॉल्स की संख्या बेतहाशा बढ़ी हैं क्योंकि हजारों विद्यार्थी तनाव से निपटने के गंभीर सवाल को सुलझाने में शिद्दत से मदद ढूंढ रहे हैं।
परीक्षा से पहले यह हैं छात्रों के गंभीर सवाल
एमपीबएसई ने परेशान छात्रों को परामर्श देने के लिए हेल्पलाइन स्थापित की थी लेकिन इसमें न सिर्फ क्लास 10वीं और 12वीं के छात्रों के, बल्कि उन लोगों के भी फोन कॉल आते हैं जिन्हें करियर से जुड़े परामर्श की जरूरत होती है।
यह हेल्पलाइन सुबह आठ बजे से रात 12 बजे चालू रहता है जिसमें ज्यादातर महिलाएं शिफ्ट में काम करती हैं। हर शिफ्ट में चार लोगों की एक टीम काम करती है।
काउंसलरों ने कहा कि कई छात्रों की एक जैसे लेकिन गंभीर मुद्दों उठाए जैसे कि सुस्ती, नींद आना, समझने में दिक्कत होना, और ठीक से खाने नहीं खा पा रहे। काउंसलरों ने यह भी बताया कि हर तीन छात्रों में से एक उदासी या बहुत ज्यादा काम का दबाव महसूस करता है।
यह हेल्पलाइन सुबह आठ बजे से रात 12 बजे चालू रहता है जिसमें ज्यादातर महिलाएं शिफ्ट में काम करती हैं। हर शिफ्ट में चार लोगों की एक टीम काम करती है।
काउंसलरों ने कहा कि कई छात्रों की एक जैसे लेकिन गंभीर मुद्दों उठाए जैसे कि सुस्ती, नींद आना, समझने में दिक्कत होना, और ठीक से खाने नहीं खा पा रहे। काउंसलरों ने यह भी बताया कि हर तीन छात्रों में से एक उदासी या बहुत ज्यादा काम का दबाव महसूस करता है।
