फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: Bhopal Police refuses to shift mentally ill girl to shelter home, Human Rights seeks answer

मध्य प्रदेश: मानसिक बीमार युवती को शेल्टर होम में शिफ्ट करने से भोपाल पुलिस का इनकार, मानवाधिकार ने मांगा जवाब

Tue, 19 Apr 2022 04:34 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Tue, 19 Apr 2022 04:34 PM IST
सार

भोपाल की छोला थानाक्षेत्र पुलिस ने मानसिक व शारीरिक रूप से बीमार एक युवती को शेल्टर होम में शिफ्ट कराने से मना कर दिया। इस मामले में मानवाधिकार आयोग ने जवाब तलब किया है। 

विज्ञापन
Madhya Pradesh: Bhopal Police refuses to shift mentally ill girl to shelter home, Human Rights seeks answer
मानवाधिकार - फोटो : अमरउजाला

विस्तार

भोपाल शहर के छोला थानाक्षेत्र में बीते रविवार को मानसिक व शारीरिक रूप से बीमार एक युवती घूमती हुई मिली थी। लोगों ने छोला थानाक्षेत्र पुलिस से संपर्क किया, तो उन्होंने युवती को शेल्टर होम में शिफ्ट कराने से मना कर दिया। उनका कहना था कि उनके यहां पहले से एक मानसिक विक्षिप्त महिला है। फिलहाल युवती को हमीदिया अस्पताल में भेजा गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, संबंधित डीसीपी और उप संचालक, सामाजिक न्याय भोपाल से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
विज्ञापन

 
बता दें कि मामले में शहर के एक नागरिक ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वे बीते रविवार को छोला थाना रोड से गुजर रहे थे, इस दौरान वहां कुछ लोग मानसिक व शारीरिक दिव्यांग एक युवती को छेड़ रहे थे। उन्होंने युवती से बातचीत करने की कोशिश की, तो उसकी भाषा समझ में नहीं आई। मामले में छोला पुलिस थाना प्रभारी से मदद चाही गई, तो उनका कहना था कि वह रोज ही इसी तरह घूमती है। इसे कहां रखवाएं, पता नहीं? युवती को लेकर जब वे महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन संचालित गौरवी (सखी केन्द्र) वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर गए, तो उन्होंने भी इस युवती को सेंटर में रखने में असमर्थता जता दी।
विज्ञापन


मामले में संज्ञान लेकर मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय सदस्य सरबजीत सिंह ने कलेक्टर, संबंधित क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) तथा उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग, जिला भोपाल से दो सप्ताह में तथ्यात्मक प्रतिवेदन मांगा है। प्रतिवेदन में आयोग ने यह जानकारी भी चाही है कि क्या मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को रखने की व्यवस्था भोपाल में उपलब्ध है? यदि हां, तो फिर समाचार में प्रकाशित मामले में मानसिक व शारीरिक रूप से बीमार युवती के पुर्नवास की व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई?
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed