फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: Ban on giving 27 percent OBC reservation in PSC, High Court issues notice and seeks response

मध्य प्रदेश: पीएससी में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण देने पर रोक, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Wed, 16 Feb 2022 06:30 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 16 Feb 2022 06:30 PM IST
सार

पीएससी 2019 की मुख्य परीक्षा में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से कुल आरक्षण 63 प्रतिशत हो जाएगा, जो असंवैधानिक है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस एम एस भटटी की युगलपीठ ने ओबीसी वर्ग को पूर्व अनुसार 14 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्देश जारी किए हैं। युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर याचिका पर अगली सुनवाई 21 फरवरी को निर्धारित की है।
 

विज्ञापन
Madhya Pradesh: Ban on giving 27 percent OBC reservation in PSC, High Court issues notice and seeks response
Jabalpur High Court - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पीएससी 2019 की मुख्य परीक्षा में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से कुल आरक्षण 63 प्रतिशत हो जाएगा, जो असंवैधानिक है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस एम एस भटटी की युगलपीठ ने ओबीसी वर्ग को पूर्व अनुसार 14 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्देश जारी किए हैं। युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर याचिका पर अगली सुनवाई 21 फरवरी को निर्धारित की है।
विज्ञापन


बैतूल निवासी निहारिका त्रिपाठी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह पीएससी 2019 की मुख्य परीक्षा में शामिल हुई थी। जिसका रिजल्ट 31 दिसंबर 2021 को जारी किया गया था। पीएससी द्वारा रिजल्ट घोषित करने में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। मध्य प्रदेश लोक सेवा जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण घोषित अधिनियम 2019 के तहत सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 14 अगस्त 2021 को प्रकाशित नोटिफिकेशन के आधार पर ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। जिसके कारण कुल आरक्षण का प्रतिशत 63 प्रतिशत हो गया है।
विज्ञापन


याचिका में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने इंदिरा साहनी के प्रकरण में स्पष्ट आदेश दिए हैं कि कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय ने मराठा आरक्षण को भी अवैधानिक करार दिया था। मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाएं लंबित हैं। हाईकोर्ट ने पूर्व में भी ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत देने पर स्थगन जारी कर रखा है। इसके बावजूद भी ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देते हुए मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया है। याचिका में सामान्य प्रशासन विभाग व पीएससी को अनावेदक बनाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि ओबीसी वर्ग को पूर्व अनुसार 14 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए युगलपीठ ने उक्त याचिका की सुनवाई ओबीसी आरक्षण से संबंधित याचिकाओं के साथ करने के निर्देश जारी किए हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed