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मध्य प्रदेश: शिवराज का ऐलान, इंदौर का बस स्टैंड और पातालपानी रेलवे स्टेशन टंट्या भील के नाम पर होंगे
Mon, 22 Nov 2021 06:22 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 22 Nov 2021 06:22 PM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि 53 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर में बन रहे बस स्टैंड और पातालपानी रेलवे स्टेशन का नाम टंट्या भील के नाम पर किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि 53 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर में एमआर-10 पर बन रहे बस स्टैंड का नाम टंट्या भील के नाम पर रखा जाएगा। इसी तरह पातालपानी रेलवे स्टेशन का नाम जननायक टंट्या भील के नाम पर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया, हम उनका नाम सदा के लिए जीवित रखेंगे। इसी तरह सीएम ने इंदौर के भंवरकुआ चौराहे का नाम भी टंट्या भील के नाम पर रखने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा जनजातीय गौरव सप्ताह के समापन अवसर पर मंडला में की। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों यह भी कहा है कि शहीद टंट्या मामा के 4 दिसम्बर - बलिदान दिवस को प्रदेश में श्रद्धा पूर्वक मनाया जाएगा। इस दिन उनकी स्मृति में कार्यक्रम का आयोजन भी होगा। इससे उनकी स्मृति भी बनी रहेगी और उससे देशभक्ति और गरीबों की सेवा की प्रेरणा हम प्राप्त करेंगे, ऐसे कई उपाय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान 4 दिसम्बर को उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करने इंदौर जिले के पातालपानी जाएंगे।
मुख्यमंत्री का कहना है कि हम सब आजादी का 75वां उत्सव मना रहे हैं। ये आजादी दिलवाने में कई क्रांतिकारी भाइयों और बहनों ने अपना अमूल्य बलिदान दिया है। अनेक कष्ट सहन किए, यातनाएं सही हैं। फांसी का फंदा गले में डाला। ऐसे ही अमर क्रांतिकारी, बलिदानी टंट्या मामा ने गरीब जनजाति भाई-बहनों का शोषण न हो और भारत माता के पैरों से परतंत्रता की बेड़ियां, गुलामी की जंजीरें काटी जाएं, इसके लिए क्रांति का शंख फूंका था। अंग्रेज उनके नाम से कांपते थे। रॉबिन हुड की उपाधि उन्हें दी गई थी। ऐसे अमर शहीद क्रांतिकारी टंट्या मामा ने खंडवा जिले में जन्म लिया था। उनके बलिदान के बाद उनका अंतिम संस्कार इंदौर जिले के महू के निकट पातालपानी में हुआ था।
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मुख्यमंत्री ने यह घोषणा जनजातीय गौरव सप्ताह के समापन अवसर पर मंडला में की। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों यह भी कहा है कि शहीद टंट्या मामा के 4 दिसम्बर - बलिदान दिवस को प्रदेश में श्रद्धा पूर्वक मनाया जाएगा। इस दिन उनकी स्मृति में कार्यक्रम का आयोजन भी होगा। इससे उनकी स्मृति भी बनी रहेगी और उससे देशभक्ति और गरीबों की सेवा की प्रेरणा हम प्राप्त करेंगे, ऐसे कई उपाय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान 4 दिसम्बर को उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करने इंदौर जिले के पातालपानी जाएंगे।
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मुख्यमंत्री का कहना है कि हम सब आजादी का 75वां उत्सव मना रहे हैं। ये आजादी दिलवाने में कई क्रांतिकारी भाइयों और बहनों ने अपना अमूल्य बलिदान दिया है। अनेक कष्ट सहन किए, यातनाएं सही हैं। फांसी का फंदा गले में डाला। ऐसे ही अमर क्रांतिकारी, बलिदानी टंट्या मामा ने गरीब जनजाति भाई-बहनों का शोषण न हो और भारत माता के पैरों से परतंत्रता की बेड़ियां, गुलामी की जंजीरें काटी जाएं, इसके लिए क्रांति का शंख फूंका था। अंग्रेज उनके नाम से कांपते थे। रॉबिन हुड की उपाधि उन्हें दी गई थी। ऐसे अमर शहीद क्रांतिकारी टंट्या मामा ने खंडवा जिले में जन्म लिया था। उनके बलिदान के बाद उनका अंतिम संस्कार इंदौर जिले के महू के निकट पातालपानी में हुआ था।
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