मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री बोले- '500 किसान यूनियनें 'कुकुरमुत्ता' की तरह सामने आ गई हैं'
मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवादित बयान दिया है।कमल पटेल के प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि '500 किसान यूनियनें 'कुकुरमुत्ता' की तरह सामने आ गई हैं। ये किसान यूनियन नहीं हैं, ये बिचौलियों और देश-विरोधी संगठनों से जुड़े लोग हैं। वे विदेशी ताकतों द्वारा वित्त पोषित हैं जो नहीं चाहते कि देश मजबूत हो।'
#WATCH | 500 farmers' unions have come up like 'kukurmutta'. They're not farmer unions, but organisations of middlemen & anti-nationals. They are funded by foreign forces who don't want the country to become strong: Madhya Pradesh Agriculture Minister Kamal Patel (14.12) pic.twitter.com/CeV13oSF4D
— ANI (@ANI) December 14, 2020विज्ञापन
कृषि कानूनों के प्रति जन जागरुकता अभियान चलाएगी भाजपा
वहीं केन्द्र द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों के प्रति जन जागरुकता लाने के लिए भाजपा मध्यप्रदेश में मंगलवार से संभागीय स्तर पर दो दिवसीय किसान सम्मेलन आयोजित करने जा रही है और उसके बाद जिले, मंडल एवं गांव-गांव में चौपाल लगाएगी।
केन्द्र की भाजपा नीत सरकार सितंबर, 2020 में बने इन कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के रूप में पेश कर रही है जो बिचौलियों को खत्म करेंगे और किसानों को देश में कहीं भी अपनी उपज बेचने की अनुमति देंगे। लेकिन दूसरी ओर हजारों की संख्या में किसान इन्हें ‘काला कानून’ बताते हुए इनका विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि इससे मंडियां खत्म हो जाएंगी, फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की परिपाटी समाप्त हो जाएगी और किसान कॉरपोरेट्स के हाथों मजबूर हो जाएगा। राष्टूीय राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हजारों की संख्या में एकत्र किसान तीनों कानूनों को निरस्त करने और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश के कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने सोमवार को उज्जैन में संवाददाताओं से कहा कि कृषि से संबंधित ऐतिहासिक सुधारों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों को लेकर भारतीय जनता पार्टी 15 दिसंबर से प्रदेश भर में व्यापक जनजागरण अभियान शुरू करेगी और किसानों को कानूनों के लाभ से अवगत कराया जाएगा और विपक्ष द्वारा फैलाए गए भ्रम को भी दूर किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘15 दिसंबर को भोपाल और उज्जैन में किसान सम्मेलन है। इसे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा संबोधित करेंगे।’ पटेल ने बताया कि 16 दिसंबर को प्रदेश के अन्य संभागों जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सागर और इंदौर में किसान सम्मेलन आयोजित होंगे, जिन्हें मुख्यमंत्री चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शर्मा और केन्द्रीय मंत्री संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘उसके बाद हम जिले में, मंडल में और गांव-गांव में चौपाल लगाएंगे।’
