फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: 40 tigers have died so far this year, in this case also Madhya Pradesh tops

मध्य प्रदेश: इस साल अब तक 40 बाघों की मौत हुई, इस मामले में भी मध्य प्रदेश अव्वल  

Mon, 22 Nov 2021 06:56 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: रवींद्र भजनी Updated Mon, 22 Nov 2021 06:56 PM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई है कि मध्य प्रदेश में बाघों का शिकार रोकने के लिए निर्देश जारी किए जाए। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 
 

विज्ञापन
Madhya Pradesh: 40 tigers have died so far this year, in this case also Madhya Pradesh tops
बांधवगढ़ में मृत बाघ (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में बाघों की मौत के मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस संबंध में हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि राज्य में अब तक 40 बाघों की मौत हुई है। इस मामले में भी राज्य देश में सबसे आगे है। इसे देखते हुए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की बेंच ने सोमवार को भोपाल के वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे की याचिका पर सुनवाई की। राज्य सरकार के साथ-साथ नेशनल टाइगर कंजर्वेशन ऑथोरिटी को भी नोटिस जारी किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को होगी।  याचिका में कहा गया है कि इस वर्ष देश में 107 बाघों की मौत हुई है। इसमें मध्य प्रदेश में 36 बाघों की मौत हुई है। याचिका दाखिल करने के बाद भी चार और बाघों की मौत हुई है, जिससे यह संख्या बढ़कर 40 तक पहुंच गई है।   
विज्ञापन


कान्हा में सबसे ज्यादा मौतें
याचिका में कहा गया है कि 2012 से 2019 के बीच कान्हा नेशनल पार्क में 43, बांधवगढ नेशनल पार्क में 38, पेंच नेशनल पार्क में 17, सतपुडा नेशनल पार्क में 4 और पन्ना के नेशनल पार्क में 7 बाघों की मौत हुई है। बाघों की मौत के मामले में कान्हा नेशनल पार्क देश में पहले तथा बांधवगढ चौथे स्थान पर है। अजय दुबे की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आदित्य संघी ने कोर्ट से अनुरोध किया कि प्रदेश में बाघों के शिकार को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाना आवश्यक हो गया है। बाघों की सुरक्षा के लिए स्पेशल फोर्स तैनात करने के निर्देश जारी करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रेडियो कॉलर के बाद भी सुरक्षा नहीं 
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सुरक्षा की दृष्टि से बाघों को रेडियो कॉलर लगाई जा रही है। इसके बाद भी पन्ना नेशनल पार्क में युवा मादा बाघ की कुंए में लाश मिली थी। एक बाघ की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी। बांधवगढ के कोर एरिया में भी एक बाघ का शव मिला था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने भी एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें भी बाघों की मौत पर चिन्ता जताई गई है और 13 बिन्दुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नोटिफिकेशन में इस बात का उल्लेख है कि बाघों के कई शवों का तो पोस्टमार्टम तक करवाना संभव नहीं था। इसमें बाघों की संदिग्ध मौतों का हवाला दिया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed