{"_id":"5aeddf5c4f1c1b87098b809b","slug":"madhya-prades-ujjain-dalits-give-inform-to-police-before-three-days-marriage","type":"story","status":"publish","title_hn":"उज्जैन में दलितों को शादी से 3 दिन पहले पुलिस को सूचित करने का बेतुका आदेश,कलेक्टर ने किया निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उज्जैन में दलितों को शादी से 3 दिन पहले पुलिस को सूचित करने का बेतुका आदेश,कलेक्टर ने किया निरस्त
राजेश चतुर्वेदी, अमर उजाला, भोपाल
Updated Sun, 06 May 2018 07:59 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश के उज्जैन में दलितों के लिए यह बेतुका आदेश जारी कर दिया गया कि शादी से तीन दिन पहले पुलिस को इसकी सूचना दें, ताकि समय पर सुरक्षा के इंतजाम किए जा सकें। महिदपुर के एसडीएम द्वारा निकाले गए इस आदेश पर जब विवाद बढ़ा तो कलेक्टर को आदेश निरस्त करना पड़ा।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, महिदपुर के एसडीएम जगदीश गोमे ने पिछले माह 16 अप्रैल को सभी ग्राम पंचायत सचिवों के नाम जारी आदेश में कहा कि उनके क्षेत्र में यदि एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग के परिवार में कोई शादी होती है या बाहर से बारात आती है तो तीन दिन पूर्व पुलिस को सूचना दे दें। एसडीएम के इस आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर समेत जिले के अन्य उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई।
विज्ञापन
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि दलितों और कमजोर तबकों को बारात निकालने की अनुमति तो अंग्रेजों के राज में भी नहीं लेना पड़ती थी। एक ओर भाजपा दलितों के घर भोजन करने का पाखंड करती है और दूसरी ओर उसकी सरकार में ऐसा व्यवहार हो रहा है।
विज्ञापन
पुलिस भर्ती में उम्मीदवारों की छाती पर एससी-एसटी लिखा जा रहा है और एक कमरे में युवतियों के सामने ही अर्धनग्न युवकों का मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है। इससे भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर होता है। बहरहाल, विवाद बढ़ता देख उज्जैन के नवागत कलेक्टर मनीष सिंह ने एसडीएम का आदेश निरस्त कर दिया है।
