{"_id":"59f4592a4f1c1bf4688b7dba","slug":"lady-singham-of-madhya-pradesh-who-changes-the-life-of-damoh-peoples","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश: दमोह जिले की लेडी सिंघम, जिसने मिटा दी सालों पुरानी कुप्रथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यप्रदेश: दमोह जिले की लेडी सिंघम, जिसने मिटा दी सालों पुरानी कुप्रथा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
Updated Sat, 28 Oct 2017 03:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लगभग 260 किमी दूर दमोह जिले में एक महिला पुलिस अधिकारी ने वो कर दिखाया जो अभी तक कोई पुलिस अधिकारी नहीं कर पाया था। इलाके में लेडी सिंघम के नाम से चर्चित दमोह के मड़ियादो की थाना प्रभारी श्रद्धा शुक्ला ने लंबे समय से चली आ रही एक कुप्रथा का अंत कर दिया है।
विज्ञापन
दरअसल, इलाके में दिवाली के बाद गोमुखधाम में हर साल मेला लगता था, जहां बड़ी संख्या में लोग जुआ खेलते थे। जुआ खेलने की इस प्रथा से स्थानीय लोग तो परेशान थे ही, साथ ही महिलाएं भी काफी परेशान थीं। महिलाओं का कहना है कि उनके पति जुए में बहुत कुछ हार जाते थे। जिससे कई बार उनका घर चलाना भी मुश्किल हो जाता था।
विज्ञापन
श्रद्धा शुक्ला की पोस्टिंग के बाद से क्षेत्र की स्थिति सुधर गई है। उन्होंने न केवल सालों पुरानी इस प्रथा पर रोक लगाई बल्कि स्कूलों में जाकर लड़कियों को महिला सशक्तीकरण का पाठ भी पढ़ाया। इस पूरे मामले में थाना प्रभारी श्रद्धा शुक्ला का कहना है कि वो वहीं कर रही हैं जो उन्हें ट्रेनिंग में सिखाया गया था।
विज्ञापन
पढ़ें: संघ प्रमुख बोले- हिंदुस्तान हिंदुओं का देश
उन्होंने बताया कि हमें सिखाया गया था कि अपराथ से घृणा करो अपराधी से नहीं और मैं वहीं कर रही हूं और हम बस अपना काम अच्छे से कर रहे हैं। इलाके के लोगों के साथ-साथ महकमे के वरिष्ठ अधिकारी भी जमकर श्रद्धा की तारीफ कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लेडी सिंघम श्रद्धा शुक्ला के आने के बाद इस कुप्रथा पर रोक लगी।
