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Kuno National Park: कूनो से आई चिंताजनक खबर, चीतों ओबान, फ्रेंडी और एल्टन की गर्दन के घाव में कीड़े मिले
Tue, 18 Jul 2023 11:13 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 18 Jul 2023 11:13 AM IST
सार
Kuno National Park Cheetah News : कूनो नेशनल पार्क में रह रहे चीतों की सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। बीते चार महीने में पांच व्यस्क और तीन शावक दम तोड़ चुके हैं वहीं अब तीन चीतों की गर्दन में हुए घाव में कीड़े पड़ने की बात सामने आ रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। कूनो में रह रहे तीन चीतों ओबान, फ्रेंडी और एल्टन की गर्दन में कीड़े पाए जाने की बात सामने आ रही है। चीतों को लगाई गई कॉलर आई से घाव होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जानकारी के अनुसार कूनो नेशनल पार्क के तीन चीतों में संक्रमण पाया गया है। चीते ओबान का कॉलर ID हटाने पर एक गहरा घाव मिला है, जिसमें कीड़े लगे हुए हैं। वहीं, अब एल्टन और फ्रेडी को ट्रेकुलाइज किया गया है।
साउथ अफ्रीका के विशेषज्ञ करेंगे जांच
कूनो डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा का कहना है कि जंगल में घूम रहे कुल 10 चीतों की जांच की जा रही है। इसको लेकर डॉक्टरों की टीम लगातार इनकी जांच कर रही है। वहीं, साउथ अफ्रीका के विशेषज्ञ भी आज (मंगलवार) कूनो अभ्यारण पहुंचेंगे, उसके बाद सभी चीतों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। बताया जा रहा है कि दो अन्य चीतों अग्नि और वायु में एक के पैर में फैक्चर और एक की छाती में चोट पाई गई है। लगातार हो रही चीतों की मौत के बाद एक बार फिर सभी चीतों को बाड़े में वापस रख लिया गया है। फिलहाल सिर्फ एक चीता निर्भय सेसईपुरा क्षेत्र में भ्रमण कर रहा है। बाकी सभी चीतों को बाड़े में बंद कर दिया गया है। कूनो में बीते एक सप्ताह में दो चीतों की मौत हो गई है।
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साउथ अफ्रीका के विशेषज्ञ करेंगे जांच
कूनो डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा का कहना है कि जंगल में घूम रहे कुल 10 चीतों की जांच की जा रही है। इसको लेकर डॉक्टरों की टीम लगातार इनकी जांच कर रही है। वहीं, साउथ अफ्रीका के विशेषज्ञ भी आज (मंगलवार) कूनो अभ्यारण पहुंचेंगे, उसके बाद सभी चीतों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। बताया जा रहा है कि दो अन्य चीतों अग्नि और वायु में एक के पैर में फैक्चर और एक की छाती में चोट पाई गई है। लगातार हो रही चीतों की मौत के बाद एक बार फिर सभी चीतों को बाड़े में वापस रख लिया गया है। फिलहाल सिर्फ एक चीता निर्भय सेसईपुरा क्षेत्र में भ्रमण कर रहा है। बाकी सभी चीतों को बाड़े में बंद कर दिया गया है। कूनो में बीते एक सप्ताह में दो चीतों की मौत हो गई है।
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चीतों की गर्दन में घाव
- फोटो : अमर उजाला
गले में घाव के चलते हुई थी चीता सूरज की मौत
बता दें, मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शुक्रवार को एक मेल चीते सूरज की मौत हो गई थी। जांच रिपोर्ट में चीते सूरज के गले में घाव और घाव में कीड़े होने की बात सामने आई थी। हालांकि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने रविवार को उन मीडिया रिपोर्ट को खारिज किया था, जिसमें चीतों की मौत के लिए रेडियो कॉलर को जिम्मेदार बताया गया था। जीपीएस आधारित रेडियो कॉलर को चीतों के गले में बांधा गया है, ताकि उनकी स्थिति पर नजर रखी जा सकी। वहीं, चीता लाने की परियोजना से जुड़े एक विशेषज्ञ ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका से लाए गए एक नर चीता की मौत रेडियो कॉलर से हुए संक्रमण के चलते हुई थी। वहीं, सूरज से पहले पिछले मंगलवार को नर चीता तेजस की मृत्यु हुई थी। लगातार चीतों की मौत से सरकार और वन विभाग चितिंत है।
कूनो में अब तक आठ चीतों की मौत
कूनो नेशनल पार्क में पिछले चार महीने में आठ चीतों की मौत हो चुकी है। इसमें पांच चीते और तीन शावक शामिल हैं। अब कूनो नेशनल पार्क में 15 चीते और एक शावक बचा है। इससे पहले केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने चीते की मौत पर कहा था कि इंटरनेशनल विशेषज्ञों की टीम कूनो में जांच करेंगी। चीतों को कूनो से दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाएगा।
सोमवार को अधिकारियों ने जानकारी दी और बताया कि चीतों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। कूनो नेशनल पार्क (केएनपी) में खुला छोड़े गए रेडियो कॉलर चीतों को जांच के लिए दोबारा बाड़े में लाया जा सकता है।
बता दें, मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शुक्रवार को एक मेल चीते सूरज की मौत हो गई थी। जांच रिपोर्ट में चीते सूरज के गले में घाव और घाव में कीड़े होने की बात सामने आई थी। हालांकि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने रविवार को उन मीडिया रिपोर्ट को खारिज किया था, जिसमें चीतों की मौत के लिए रेडियो कॉलर को जिम्मेदार बताया गया था। जीपीएस आधारित रेडियो कॉलर को चीतों के गले में बांधा गया है, ताकि उनकी स्थिति पर नजर रखी जा सकी। वहीं, चीता लाने की परियोजना से जुड़े एक विशेषज्ञ ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका से लाए गए एक नर चीता की मौत रेडियो कॉलर से हुए संक्रमण के चलते हुई थी। वहीं, सूरज से पहले पिछले मंगलवार को नर चीता तेजस की मृत्यु हुई थी। लगातार चीतों की मौत से सरकार और वन विभाग चितिंत है।
कूनो में अब तक आठ चीतों की मौत
कूनो नेशनल पार्क में पिछले चार महीने में आठ चीतों की मौत हो चुकी है। इसमें पांच चीते और तीन शावक शामिल हैं। अब कूनो नेशनल पार्क में 15 चीते और एक शावक बचा है। इससे पहले केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने चीते की मौत पर कहा था कि इंटरनेशनल विशेषज्ञों की टीम कूनो में जांच करेंगी। चीतों को कूनो से दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाएगा।
सोमवार को अधिकारियों ने जानकारी दी और बताया कि चीतों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। कूनो नेशनल पार्क (केएनपी) में खुला छोड़े गए रेडियो कॉलर चीतों को जांच के लिए दोबारा बाड़े में लाया जा सकता है।
