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Kuno National Park: 13 दिन बाद मिली मादा चीता निर्वा, नई कॉलर आईडी लगाकर छोड़ा
Wed, 02 Sep 2026 10:04 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 02 Sep 2026 10:04 PM IST
सार
कूनो नेशनल पार्क से 20 अगस्त से लापता मादा चीता निर्वा 13 दिन बाद रिहायशी इलाके से लगे खेतों में स्वस्थ मिली। वन विभाग की पांच टीमों ने ड्रोन, सीसीटीवी और गश्त से तलाश की। स्वास्थ्य जांच के बाद निर्वा को नई सैटेलाइट कॉलर आईडी लगाकर कूनो जंगल में छोड़ दिया गया।
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चीता (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
कूनो नेशनल पार्क से 20 अगस्त से लापता मादा चीता निर्वा को 13 दिन बाद बुधवार को वन विभाग की टीमों ने रिहायशी इलाके से लगे खेतों में स्वस्थ खोज निकाला है। सैटेलाइट कॉलर आईडी से लोकेशन मिलना बंद होने के बाद कूनो प्रबंधन उसकी लगातार तलाश कर रहा था। वन कर्मचारियों और चिकित्सकों ने स्थिति सामान्य मिलने के बाद उसे नई सैटेलाइट कॉलर आईडी पहनाकर फिर से कूनो के जंगल में छोड़ दिया।
पांच टीमों ने ड्रोन से चलाई सर्चिंग
मादा चीता का सुराग लगाने के लिए कूनो प्रबंधन ने पांच टीमों को जंगल में उतारा था। इन टीमों ने लगातार गश्त करने के साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन तकनीक की मदद ली। साथ ही, वन अधिकारियों ने उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी, जहां वन्यजीवों के शिकार के आसपास निर्वा के पहुंचने की संभावना थी। सर्च ऑपरेशन के दौरान एक भेड़ और एक हिरण के शिकार के पास निर्वा की उपस्थिति के संकेत भी मिले थे। वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों और कूनो प्रबंधन ने इन संकेतों के आधार पर अपनी रणनीतिक तलाश का दायरा और बढ़ा दिया।
ये भी पढ़ें- दरिंदा बाप: मना करने पर भी कर रहा था शोर, गुस्से में पिता ने तीन साल के मासूम की हथौड़ी मार-मारकर ले ली जान
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साथी चीतों की गतिविधियों से दिशा मिली
टीमों ने चीता प्रोजेक्ट के अपने पुराने अनुभव का उपयोग करते हुए खोज अभियान को आगे बढ़ाया। टीमों ने निर्वा के साथ रहने वाले अन्य चीतों के व्यवहार और गतिविधियों पर भी बारीकी से नजर रखी। कर्मचारियों ने यह देखने का प्रयास किया कि दूसरे चीते निर्वा की गंध पाकर किस दिशा की ओर जा रहे हैं। इन सभी महत्वपूर्ण सुरागों को आपस में जोड़ते हुए वनकर्मियों ने गश्त तेज की। आखिर टीमों ने कूनो नेशनल पार्क से बाहर रिहायशी क्षेत्र से लगे खेतों में घूमती हुई निर्वा को ढूंढ निकाला।
नई कॉलर आईडी लगाकर फिर छोड़ा
खेतों में निर्वा के विचरण करने का वीडियो भी सामने आया है। वन विभाग के चिकित्सकों ने काफी समय तक उस पर नजर रखकर उसकी सेहत का आकलन किया। चीता के पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ पाए जाने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। भविष्य में लोकेशन ट्रैकिंग दोबारा बाधित न हो, इसे देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहोश करके पुरानी कॉलर आईडी हटाई और नई सैटेलाइट कॉलर आईडी लगा दी। स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद करी उसे फिर से जंगल में स्वतंत्र विचरण के लिए छोड़ दिया। वाइल्डलाइफ पीसीसीएफ डॉ. समीता राजोरा ने मादा चीता के पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ मिलने की पुष्टि की है।
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पांच टीमों ने ड्रोन से चलाई सर्चिंग
मादा चीता का सुराग लगाने के लिए कूनो प्रबंधन ने पांच टीमों को जंगल में उतारा था। इन टीमों ने लगातार गश्त करने के साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन तकनीक की मदद ली। साथ ही, वन अधिकारियों ने उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी, जहां वन्यजीवों के शिकार के आसपास निर्वा के पहुंचने की संभावना थी। सर्च ऑपरेशन के दौरान एक भेड़ और एक हिरण के शिकार के पास निर्वा की उपस्थिति के संकेत भी मिले थे। वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों और कूनो प्रबंधन ने इन संकेतों के आधार पर अपनी रणनीतिक तलाश का दायरा और बढ़ा दिया।
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साथी चीतों की गतिविधियों से दिशा मिली
टीमों ने चीता प्रोजेक्ट के अपने पुराने अनुभव का उपयोग करते हुए खोज अभियान को आगे बढ़ाया। टीमों ने निर्वा के साथ रहने वाले अन्य चीतों के व्यवहार और गतिविधियों पर भी बारीकी से नजर रखी। कर्मचारियों ने यह देखने का प्रयास किया कि दूसरे चीते निर्वा की गंध पाकर किस दिशा की ओर जा रहे हैं। इन सभी महत्वपूर्ण सुरागों को आपस में जोड़ते हुए वनकर्मियों ने गश्त तेज की। आखिर टीमों ने कूनो नेशनल पार्क से बाहर रिहायशी क्षेत्र से लगे खेतों में घूमती हुई निर्वा को ढूंढ निकाला।
नई कॉलर आईडी लगाकर फिर छोड़ा
खेतों में निर्वा के विचरण करने का वीडियो भी सामने आया है। वन विभाग के चिकित्सकों ने काफी समय तक उस पर नजर रखकर उसकी सेहत का आकलन किया। चीता के पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ पाए जाने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। भविष्य में लोकेशन ट्रैकिंग दोबारा बाधित न हो, इसे देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहोश करके पुरानी कॉलर आईडी हटाई और नई सैटेलाइट कॉलर आईडी लगा दी। स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद करी उसे फिर से जंगल में स्वतंत्र विचरण के लिए छोड़ दिया। वाइल्डलाइफ पीसीसीएफ डॉ. समीता राजोरा ने मादा चीता के पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ मिलने की पुष्टि की है।
