मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ (कड़कनाथ रिसर्च सेंटर) के एक वैज्ञानिक ने आईफा अवार्ड समारोह में आने वाले फिल्मी सितारों को कड़कनाथ मुर्गे का मांस परोसने का सुझाव दिया है। बता दें कि प्रदेश के इंदौर में अगले महीने होने वाले आईफा अवार्ड में भाग लेने के लिए कई बॉलीबुड सितारों के पहुंचने की संभावना है।
कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक आई एस तोमर ने शनिवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिख कर कहा है कि आपने एक ब्लॉग में इंदौर में 27-29 मार्च को होने वाले आईफा अवार्ड 2020 को प्रदेश के आदिवासियों को समर्पित किया है।
इस संबंध में मेरा सुझाव है कि पश्चिम मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल झाबुआ के प्रसिद्ध कड़कनाथ मुर्गे का मांस इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले फिल्मी सितारों को कम से कम एक दिन परोसा जाए। क्योंकि यह मुर्गा कम मात्रा में फैट और भरपूर मात्रा में प्रोटीन एवं आयरन के लिए पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
पिछले साल ही मध्यप्रदेश को मिला है जीआई टैग
बता दें कि मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल झाबुआ और इसके आसपास के दूसरे इलाकों में कड़कनाथ मुर्गे का मांस काफी प्रचलन में है। तोमर ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि कड़कनाथ मुर्गे के अलावा मेरा आपसे अनुरोध है कि इस क्षेत्र का दाल-पानिया भी प्रसिद्ध व्यंजन है, इसे भी इन फिल्मी सितारों को इस कार्यक्रम के दौरान खाने में परोसा जाए।
उन्होंने कहा कि इसका सीधा फायदा यहां के आदिवासियों बहुल क्षेत्र को होगा और क्षेत्र में रोजगार के नए साधन खुलेंगे। बता दें कि कड़कनाथ मुर्गों के लिए मध्यप्रदेश को जीआई टैग (भौगोलिक संकेतक) पिछले साल ही मिला है और प्रदेश में कड़कनाथ मुर्गे सबसे ज्यादा झाबुआ में ही पाए जाते हैं।
'काला सोना' है कड़कनाथ
कड़कनाथ मुर्गे का पेटेंट कराने के लिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारों के बीच विवाद की स्थिति रही थी। हालांकि मध्यप्रदेश सरकार को इसका पेटेंट बीते साल ही मिला है। एक समय कड़कनाथ का एक-एक अंडा सत्तर-सत्तर रुपए तक में बिक रहा था। जबकि चिकन की कीमत करीब नौ सौ रुपए प्रति किलो के आसपास थी। वहीं ऑनलाइन इसके अंडे की कीमत सौ रुपए से ज्यादा है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश में भी पालक इससे अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं। कारोबारियों के लिए कड़कनाथ मुर्गा 'काला सोना' के समान माना जाता है। कड़कनाथ मुर्गे का पोल्ट्री फॉर्म खोलने के लिए इंडिया मार्ट पर मौजूद सेलर्स से कांटेक्ट कर ये मुर्गे प्राप्त किए जा सकते हैं।
औषधीय गुणों के लिए मशहूर
कड़कनाथ मुर्गा अपने स्वाद और औषधीय गुणों के लिए भी मशहूर है। इसका खून, मांस और शरीर काले रंग का होता है। अन्य मुर्गों की तुलना में इसके मीट में प्रोटीन अधिक मात्रा में होता है और कोलेस्ट्रोल का स्तर कम होता है। इसमें 18 तरह के आवश्यक अमीनो एसिड भी पाए जाते हैं। इसके मीट में विटामिन बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी और ई की मात्रा भी अधिक पाई जाती है। यह औषधि के रुप में नर्वस डिसऑर्डर को ठीक करने के काम में भी आता है।
कड़कनाथ मुर्गा और मुर्गी की शादी की मची थी धूम
बता दें कि साल 2018 में दंतेवाड़ा में कड़कनाथ मुर्गा और मुर्गी की अनोखी शादी की काफी धूम मची थी। इस शादी में शामिल होने के लिए दंतेवाड़ा के तोता, मैना, कबूतर, गौरैया और बतख ने कुछ इस अंदाजेबयां बोली में अपने बड़े भाई कालिया कड़कनाथ मुर्गा की शादी में आने का निमंत्रण दिया था। यह आमंत्रण कुछ इस तरह था- 'आमचो दादा चो ब्याह में जलूल जलूल इबा'।