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Khargone: गांवों से बकरियां चोरी करने वाले गिरोह के सात सदस्य गिरफ्तार, जुलाई में दिया था बड़ी वारदात को अंजाम
Thu, 27 Jul 2023 10:28 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 27 Jul 2023 10:28 AM IST
सार
जुलाई में एक किसान के बाड़े से करीब 92 बकरियों की चोरी करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गैंग का एक सदस्य अभी भी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
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बकरी चोरी करने वाले गिरोह के सात सदस्य गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश की खरगोन पुलिस ने एक बड़े बकरी चोर गैंग को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। किसानों और पशुपालकों की बकरियों को चुराने वाले गैंग के सात सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से एक चार पहिया वाहन, दो मोटरसाइकिल सहित चोरी की गईं 30 बकरियां भी पुलिस ने जब्त की है । बता दें, पिछले दिनों 14 जुलाई को खरगोन के ही थाना बलकवाड़ा अंतर्गत आने वाले एक किसान के बाड़े से रात के समय ताला तोड़कर लगभग 92 बकरियां चोरी हुई थी, जिनकी कीमत लगभग चार लाख साठ हजार रुपये थी, तो वहीं करीब आठ बकरियां मृत और अधमरी हालत में भी पाई गई थीं। इसी को लेकर पुलिस लगातार खोजबीन कर रही थी। लगभग 200 सीसीटीवी फुटेज देखने और मुखबिर तंत्र से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस को यह सफलता मिली है। हालांकि गैंग का एक सदस्य अभी भी फरार हैं।
खरगोन के थाना बलकवाड़ा अंतर्गत आने वाली खलटाका चौकी के ग्राम महाराज खेड़ी के रहने वाले किसान नारायण पटेल पिता के बाड़े से बीते 14 जुलाई को करीब 100 बकरियों को चुराने की कोशिश की गई थी, इसमें करीब आठ बकरियों को अधमरी हालत में छोड़कर बाकी बची लगभग चार लाख साठ हजार कीमत की 92 बकरियों को चोर अपने साथ ले जाने में कामयाब हो गए थे। जिसके बाद पुलिस ने घटना में अपराध पंजीबद्ध कर चोरों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस ने चोरों के आने जाने के रास्ते की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सहित अपने मुखबिर तंत्र को भी काम पर लगा कर जानकारी जुटाने की कोशिश की थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जिला धार के ग्राम धावडदा के रहने वाले कुछ संदिग्ध चोरी की कुछ बकरियों को बेचने की फिराक में घूम रहे हैं। ग्राम महराजखेड़ी से चोरी हुई बकरियों में भी इन्ही का हाथ हो सकता है। सूचना पर तत्काल पुलिस टीमें लगाकर अलग अलग दिशा से मुखबिर द्वारा बताये हुलिए के अनुसार कुल सात संदिग्धों को पकड़ा गया, जिनके कब्जे से पुलिस को एक चार पहिया तूफान गाड़ी के साथ ही दो मोटरसाइकिल और 30 बकरियां भी बरामद हुईं।
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खरगोन के थाना बलकवाड़ा अंतर्गत आने वाली खलटाका चौकी के ग्राम महाराज खेड़ी के रहने वाले किसान नारायण पटेल पिता के बाड़े से बीते 14 जुलाई को करीब 100 बकरियों को चुराने की कोशिश की गई थी, इसमें करीब आठ बकरियों को अधमरी हालत में छोड़कर बाकी बची लगभग चार लाख साठ हजार कीमत की 92 बकरियों को चोर अपने साथ ले जाने में कामयाब हो गए थे। जिसके बाद पुलिस ने घटना में अपराध पंजीबद्ध कर चोरों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस ने चोरों के आने जाने के रास्ते की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सहित अपने मुखबिर तंत्र को भी काम पर लगा कर जानकारी जुटाने की कोशिश की थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जिला धार के ग्राम धावडदा के रहने वाले कुछ संदिग्ध चोरी की कुछ बकरियों को बेचने की फिराक में घूम रहे हैं। ग्राम महराजखेड़ी से चोरी हुई बकरियों में भी इन्ही का हाथ हो सकता है। सूचना पर तत्काल पुलिस टीमें लगाकर अलग अलग दिशा से मुखबिर द्वारा बताये हुलिए के अनुसार कुल सात संदिग्धों को पकड़ा गया, जिनके कब्जे से पुलिस को एक चार पहिया तूफान गाड़ी के साथ ही दो मोटरसाइकिल और 30 बकरियां भी बरामद हुईं।
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पुलिस ने खंगाले 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज
पुलिस द्वारा घटना के बाद से ही अलग अलग टीमें बनाकर घटना स्थल पर आरोपियों के पहुंचने के संभावित रास्तों की सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए गए। पुलिस की इन टीमों ने घटना स्थल से निमरनी, घटना स्थल से कसरावद तक के साथ ही ठीकरी हाइवे और खलघाट तक के लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज को एकत्रित किया । पुलिस ने पहले इन सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से देखा एवं आरोपियों के भागने के रास्तों का पता किया। जिसके बाद अपने मुखबिरों को भी इस प्रकार की चोरी करने वालों की जानकारी एकत्रित करने के लिए लगाया गया।
मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछने पर कबूली वारदात
मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने बकरी चोरी के सात संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनसे बकरियों के संबंध में अलग-अलग पूछताछ की गई, तब वे पुलिस को लगातार गुमराह करते रहे। जिसके बाद पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देशन पर सभी संदिग्धों को थाने पर लाकर उनसे मनोवैज्ञानिक तरीके से एक बार फिर से पूछताछ की गई। जिसके बाद उन्होंने अपना जुर्म करना स्वीकार कर लिया । मनोवैज्ञानिक तरीके से हुई पूछताछ के बाद आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पिछले 14 जुलाई की रात में हम लोगों ने ही ग्राम महराजखेड़ी से किसान के बाड़े से बकरियों को चुराया था।
इस तरह चुराते थे बकरियां
पुलिस टीम के द्वारा मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने के बाद पकड़ में आये आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पैसों की जरुरत होने पर इनके द्वारा गाँव-गाँव जाकर किसानों के बाड़े में बंधी बकरियों की रैकी की जाती और फिर उसे रात में योजनाबद्ध तरीके से चुरा लिया जाता था। चुराई बकरियों को अपने गाँव के पास जंगल में रखा जाता था और कुछ दिन बाद बकरियों को बाजार में जाकर बेच दिया जाता था। बेचने पर आये रुपयों को आपस में बराबर बांट लिया जाता था।
पुलिस द्वारा घटना के बाद से ही अलग अलग टीमें बनाकर घटना स्थल पर आरोपियों के पहुंचने के संभावित रास्तों की सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए गए। पुलिस की इन टीमों ने घटना स्थल से निमरनी, घटना स्थल से कसरावद तक के साथ ही ठीकरी हाइवे और खलघाट तक के लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज को एकत्रित किया । पुलिस ने पहले इन सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से देखा एवं आरोपियों के भागने के रास्तों का पता किया। जिसके बाद अपने मुखबिरों को भी इस प्रकार की चोरी करने वालों की जानकारी एकत्रित करने के लिए लगाया गया।
मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछने पर कबूली वारदात
मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने बकरी चोरी के सात संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनसे बकरियों के संबंध में अलग-अलग पूछताछ की गई, तब वे पुलिस को लगातार गुमराह करते रहे। जिसके बाद पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देशन पर सभी संदिग्धों को थाने पर लाकर उनसे मनोवैज्ञानिक तरीके से एक बार फिर से पूछताछ की गई। जिसके बाद उन्होंने अपना जुर्म करना स्वीकार कर लिया । मनोवैज्ञानिक तरीके से हुई पूछताछ के बाद आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पिछले 14 जुलाई की रात में हम लोगों ने ही ग्राम महराजखेड़ी से किसान के बाड़े से बकरियों को चुराया था।
इस तरह चुराते थे बकरियां
पुलिस टीम के द्वारा मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने के बाद पकड़ में आये आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पैसों की जरुरत होने पर इनके द्वारा गाँव-गाँव जाकर किसानों के बाड़े में बंधी बकरियों की रैकी की जाती और फिर उसे रात में योजनाबद्ध तरीके से चुरा लिया जाता था। चुराई बकरियों को अपने गाँव के पास जंगल में रखा जाता था और कुछ दिन बाद बकरियों को बाजार में जाकर बेच दिया जाता था। बेचने पर आये रुपयों को आपस में बराबर बांट लिया जाता था।
