MP News: खंडवा सांसद के दोबारा प्रत्याशी घोषित होने पर निकली बीजेपी की रैली, पुलिस ने डीजे वाहन को किया जब्त
MP News: खंडवा लोकसभा क्षेत्र के मौजूदा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल एक बार फिर से भाजपा से लोकसभा प्रत्याशी घोषित होने के बाद ट्रेन से खंडवा पहुंचे थे। जहां सांसद पाटिल के समर्थकों ने रेलवे स्टेशन से लेकर घण्टाघर क्षेत्र तक रैली निकाली। भाजपा नेताओं की इस रैली में शामिल वाहनों में एक डीजे वाहन भी साथ था, जिसे देख कोतवाली थाना प्रभारी बलराम यादव ने ड्राइवर से उसकी परमिशन दिखाने को कहा। हालांकि परीक्षाओं के समय तेज आवाज में बजाए जा रहे इस डीजे की कोई अधिकृत परमिशन ना होने के चलते पुलिस ने इसे शहर के कोतवाली थाने में ले जाकर खड़ा कर लिया।
विस्तार
खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल खंडवा संसदीय क्षेत्र के लिए भाजपा के प्रत्याशी बनाये जाने के बाद रविवार दोपहर अपने गृहनगर बुरहानपुर से पैसेंजर ट्रेन में सवार होकर खंडवा पहुंचे थे। इस दौरान तय कार्यक्रम से करीब दो घण्टा लेट पहुंचे सांसद के समर्थकों में रेलवे स्टेशन पर ही फूल माला पहनाकर स्वागत करने को लेकर धक्का मुक्की होते देखी गयी। तो वहीं रेलवे स्टेशन पर ही उनके स्वागत के लिए ढोल और बाजों के साथ आदिवासी नृत्य कलाकारों को भी बुलाया गया था, जोकि पूरी रैली में भी नृत्य करते दिखाई दिए। रैली के दौरान शहर की मुख्य सड़कों पर जाम भी लगते देखा गया।
कोतवाली टीआई ने वाहन को थाने में खड़ा करवाया
सांसद पाटिल के समर्थकों ने रैली के रूप में रेलवे स्टेशन से लेकर घंटाघर तक विजयी जुलूस निकाला। हालांकि इस दौरान पूर्व विधायक देवेंद्र वर्मा, राम दांगोरे समेत संगठन से जुड़े राजेश तिवारी, अमर यादव आदि नेता नहीं पहुंचे। स्टेशन परिसर के बाद ज्ञानेश्वर पाटिल की यह रैली जब बॉम्बे बाजार क्षेत्र में थी, उस समय रैली में तेज आवाज में बज रहे एक डीजे वाहन पर कोतवाली थाना प्रभारी की नजर पड़ी और उन्होंने ड्राइवर से वाहन की परमिशन दिखाने को कहा, जिसे वह नहीं दिखा पाया। जिसके बाद टीआई बलराम राठौड़ खुद उसे कोतवाली थाने की तरफ ले जाने के निर्देश देते दिखे और कुछ ही देर में यह डीजे वाहन थाना परिसर में खड़ा दिखाई दिया।
पुलिस अधिकारी इस पर बोलने से बचते दिखे
हालांकि इस डीजे वाहन पर किस तरह की कार्रवाई पुलिस कर रही है, इस बारे में सभी पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने से बचते दिखाई दिए, लेकिन मोहन सरकार के ही बनाए नियमों के विपरित बज रहे इस डीजे पर कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों से निर्देश मांगे जाने की सूचना है। बता दें कि डीजे का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है, तो वहीं इसकी परमिशन भी लेना जरूरी है। हालांकि डीजे का रैलियों में उपयोग तो सरकार ने ही बैन कर रखा है, तो वहीं इस बार चुनाव में लाउड स्पीकरों का उपयोग डेसीबल नापकर ही किया जा सकेगा।
