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कटनी: जमीन का नामांतरण रोकने के लिए बाबू ले रहा था 50 हजार, लोकायुक्त ने रंगेहाथों किया गिरफ्तार
Fri, 11 Mar 2022 02:54 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 11 Mar 2022 02:54 PM IST
सार
कटनी जिले की बरही तहसील में बाबू को 50 हजार की रिश्वत लेते जबलपुर लोकायुक्त टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। जमीन नामांतरण रोकने के नाम पर ढाई लाख मांगे थे।
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बरही तहसील में बाबू को 50 हजार की रिश्वत लेते जबलपुर लोकायुक्त टीम ने पकड़ा है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कटनी जिले में रिश्वतखोर बाबू को गिरफ्तार किया गया है। बरही तहसील में बाबू को 50 हजार की रिश्वत लेते जबलपुर लोकायुक्त टीम ने पकड़ा है। जमीन नामांतरण रोकने के नाम पर ढाई लाख मांगे थे।
जानकारी के अनुसार बरही तहसील न्यायालय में गुरुवार को दोपहर तीन बजे के लगभग यह कार्रवाई की गई। बाबू का नाम उमेश नामदेव बताया जा रहा है। फरियादी दिलराज अग्रवाल ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत जबलपुर लोकायुक्त को थी। उसने बताया कि उसने सोनम उपाध्याय को सिजहरा गांव की तीन एकड़ जमीन 20 लाख रुपये में बेची थी। 10 लाख दे चुका था, पर किसी कारण से खरीदार बाकी के दस लाख रुपये नहीं दे पा रहा था। उसके सभी चेक बाउंस हो गए थे। इसलिए जमीन का नामांतरण रुकवाने के लिए उसने तहसील न्यायालय में अपील की थी। इसी के एवज में बाबू उमेश रुपये मांग रहा था। पहले वह 10 हजार रुपये पटवारी शिव प्रसाद पाठक को भी दे चुका है। लोकायुक्त टीम ने 7 फरवरी को पहले फोन रिकार्डिंग भी सुनी।
लोकायुक्त ने मामले में योजना बद्ध तरीके से कार्रवाई की गई और बाबू को पहली किश्त 50 हजार के साथ ट्रेप किया गया। मामले में बाबू ने 50 हजार की रुपये की रकम अपनी दराज में रखवाई थी। मामले में पटवारी पर भी आरोप लगाए गए थे, पर वह मौके पर नहीं मिला।
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जानकारी के अनुसार बरही तहसील न्यायालय में गुरुवार को दोपहर तीन बजे के लगभग यह कार्रवाई की गई। बाबू का नाम उमेश नामदेव बताया जा रहा है। फरियादी दिलराज अग्रवाल ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत जबलपुर लोकायुक्त को थी। उसने बताया कि उसने सोनम उपाध्याय को सिजहरा गांव की तीन एकड़ जमीन 20 लाख रुपये में बेची थी। 10 लाख दे चुका था, पर किसी कारण से खरीदार बाकी के दस लाख रुपये नहीं दे पा रहा था। उसके सभी चेक बाउंस हो गए थे। इसलिए जमीन का नामांतरण रुकवाने के लिए उसने तहसील न्यायालय में अपील की थी। इसी के एवज में बाबू उमेश रुपये मांग रहा था। पहले वह 10 हजार रुपये पटवारी शिव प्रसाद पाठक को भी दे चुका है। लोकायुक्त टीम ने 7 फरवरी को पहले फोन रिकार्डिंग भी सुनी।
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लोकायुक्त ने मामले में योजना बद्ध तरीके से कार्रवाई की गई और बाबू को पहली किश्त 50 हजार के साथ ट्रेप किया गया। मामले में बाबू ने 50 हजार की रुपये की रकम अपनी दराज में रखवाई थी। मामले में पटवारी पर भी आरोप लगाए गए थे, पर वह मौके पर नहीं मिला।
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