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व्यापमं घोटाला: सिब्बल बोले- जांच एजेंसियों ने शिवराज और उमा भारती को बचाने की कोशिश की

Sun, 23 Sep 2018 03:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Sun, 23 Sep 2018 03:37 PM IST
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Kapil Sibal said investigating agencies tried to save shivraj singh and uma bharati in vyapam scam
Kapil Sibal

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की एक्सेल शीट में छेड़छाड़ करने के मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री उमा भारती समेत कई लोगों के खिलाफ दायर शिकायत के मामले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को भोपाल की अदालत में अपने बयान दर्ज करवाए। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने अदालत में इस मामले की पैरवी की। 

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बता दें कि दिग्विजय सिंह ने इसी महीने 19 सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और इंदौर क्राइम ब्रांच के अफसर समेत 18 लोगों को मामले में आरोपित किया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इनकी संलिप्तता के सभी प्रमाण हैं। 
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दिग्विजय सिंह ने अदालत को 27,000 पेज के डॉक्यूमेंट दिए हैं। व्हिसिल ब्लोअर प्रशांत पांडेय के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने पहले यह केस सुप्रीम कोर्ट में दायर किया था। उसके बाद अब यह केस जिला कोर्ट में भी दायर किया है। इस मामले में दिग्विजय ने आरोप लगाए हैं कि इंदौर थाने में एक्सेल सीट से छेड़छाड़ की गई है और उनके पास इसके पर्याप्त सबूत हैं।
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कपिल सिब्बल ने इस मामले में पुलिस और सीबीआई पर शिवराज सिंह चौहान को बचाने के आरोप लगाए हैं। सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि एक हार्ड डिस्क में एक लिस्ट थी, जिसमें लिखा था व्यापमं के मामले में कौन-कौन सिफारिश कर रहा है। उस लिस्ट में सीएम शिवराज, उमा भारती और अन्य मंत्रियों का नाम था।

उन्होंने कहा कि इस हार्ड डिस्क को इंदौर पुलिस ने कस्टडी में ले लिया है। 18 जुलाई को ये बताया गया कि भोपाल में हार्ड डिस्क कस्टडी में ले लिया गया है। इसके बाद इंदौर में प्रशांत पांडे के पास हार्ड डिस्क को ले जाया गया, क्योंकि पुलिस को पता था कि इसको पांडे ही खोल पाएंगे।

उनके मुताबिक, 'प्रशांत ने जैसे ही हार्ड डिस्क से अपने कंप्यूटर को जोड़ा तो उसमें अपने आप उसका डाटा प्रशांत के कंप्यूटर में आ गया। इसके बाद पुलिस ने हार्ड डिस्क में से सीएम का नाम हटा दिया, लेकिन हैश वैल्यू जो कि प्रशांत के कंप्यूटर में दर्ज हो गई, उसे हटाना भूल गए। इसके बाद हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली, जिसके बाद कोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंप दी। सीबीआई ने जांच के लिए डाटा को अहमदाबाद और हैदराबाद फॉरेंसिक भेज दिया है।' 


क्या था पूरा मामला

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने काफी पहले प्रेस कांफ्रेस करके शिवराज सिंह पर व्यापमं घोटाले में शामिल होने और इंदौर थाने में व्यापमं से जुड़ी एक्सेल शीट में छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए थे। मामले में दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाए थे कि व्यापमं के सिस्टम एनालिस्ट नितिम महेंद्र के कंप्यूटर से जब्त की गई हार्ड डिस्क से तैयार की गई एक्सेल सीट में छेड़छाड़ की गई है। हालांकि उस समय उन्होंने आरोप लगाए कि जहां-जहां शिवराज से जुड़े नाम थे, वहां-वहां उमा भारती का नाम डाल दिया गया।

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