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मध्य प्रदेश: कमलनाथ अपने करीबी मंत्री तो सिंधिया खुद या करीबी को बनवाना चाहते हैं अध्यक्ष
Sat, 31 Aug 2019 05:31 AM IST
Nilesh Kumar
अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली
अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Sat, 31 Aug 2019 05:31 AM IST
सार
- राज्य में दो पावर सेंटर के पक्ष में नहीं कांग्रेस नेतृत्व
- सिंधिया और कमलनाथ ने की सोनिया से मुलाकात
- इस समय कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच अच्छा तालमेल
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राहुल गांधी, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter Congress @INCIndia
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विस्तार
मध्य प्रदेश में भी संगठन की कमान को लेकर कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है। सूबे की राजनीति में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया की निगाह प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर है। उधर, कमलनाथ ने अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश पहले ही कर दी थी और वह अपने करीबी मंत्री बाला बच्चन को यह जिम्मेदारी दिलाना चाहते हैं।
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अभी सीएम कमलनाथ अध्यक्ष भी पद संभाल रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि सिंधिया और कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मिलकर अपना-अपना पक्ष रखा है। इस बारे में जो खबरें बाहर आई हैं, उनके मुताबिक सिंधिया ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। वहीं, कमलनाथ ने अध्यक्ष पद के लिए नए नेता के चुनाव का सुझाव दिया है।
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हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व राज्य में दो पावर सेंटर बनाने का पक्षधर नहीं है। पार्टी ने सिंधिया को उत्तर प्रदेश में पश्चिमी हिस्से का प्रभार और महाराष्ट्र चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाकर संतुष्ट करने का काम किया है।
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मध्यप्रदेश में इस समय कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच तालमेल अच्छा है। इसी के चलते सिंधिया सीएम की दौड़ में पिछड़ गए थे। लोकसभा चुनाव हारने और राज्य में अपनी दखल कम होती देख फिलहाल उन्होंने खुद को पीछे कर अपने करीबी मंत्री गोविंद राजपूत और राम निवास रावत का नाम आगे बढ़ाया है।
