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किसानों का गुस्सा फूटा तो भड़के सिंधिया: खाद संकट पर प्रशासन की ली क्लास, बोले- कलेक्टर कहां है, बुलाओ जल्दी
Fri, 18 Sep 2026 04:07 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 18 Sep 2026 04:07 PM IST
सार
गुना दौरे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने किसानों ने खाद संकट और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था की समस्याएं बताईं। किसानों ने टोकन नहीं मिलने और कालाबाजारी के आरोप लगाए। शिकायतों पर सिंधिया ने कलेक्टर किशोर कन्याल को किसानों की जानकारी दर्ज कर समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने एसपी हितिका वासल को एक मामले की जांच सौंपी।
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गुना में मंत्री ज्योतिरादित्य किसानों की बात सुनकर चौंक गए।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना दौरे के दौरान सर्किट हाउस में सबसे ज्यादा भीड़ किसानों की थी। पगारा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से दर्जनों किसान अपनी फरियाद लेकर सांसद से मिलने पहुंचे थे। खाद की किल्लत से बेहाल किसानों ने प्रशासनिक अमले के सामने ही अपना दर्द बयां कर दिया।
इसी बीच एक बुजुर्ग किसान ने भरे मन से कह दिया- "माला डालते-डालते पूरी जिंदगी निकल गई, खाद कब मिलेगा साहब?" इस एक लाइन ने पूरे सभागार में सन्नाटा ला दिया और खाद संकट की गंभीरता को उजागर कर दिया।
किसानों ने बताया कि जिले में खाद के लिए शुरू की गई ऑनलाइन टोकन व्यवस्था उनके लिए मुसीबत बन गई है। पोर्टल पर बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में टोकन खत्म दिखा दिया जाता है। कई किसान लगातार 4-5 दिन से रात-रात भर जागकर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन टोकन नहीं मिल रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि टोकन की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है और बिचौलिए सक्रिय हैं। सर्वर डाउन या तकनीकी खराबी की कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही, जिससे किसान सोसायटी के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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ये भी पढ़ें- इंदौर में नितिन नवीन के सामने आई भाजपा की कलह: मुख्यमंत्री की बात पर विजयवर्गीय ने कसा तंज
कलेक्टर को दिए निर्देश
किसानों की पीड़ा सुनकर सिंधिया ने मौके पर ही प्रशासनिक अमले की क्लास लगा दी। उन्होंने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को निर्देश दिए कि सभी किसानों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाएं और प्रत्येक शिकायत का व्यक्तिगत रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने ऑनलाइन व्यवस्था की पारदर्शी जांच कराने और वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसानों को बार-बार परेशान न होना पड़े।
केंद्रीय मंत्री एवं गुना-शिवपुरी क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना दौरे के दौरान गुरुवार को सर्किट हाउस में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उन्होंने जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी पर कड़े तेवर दिखा दिए। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को मंच पर न पाकर सिंधिया ने सख्त लहजे में पूछा- "कलेक्टर कहां है, बुलाओ जल्दी।"
अफसरों में अफरा तफरी
अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में कलेक्टर किशोर कान्याल मौके पर पहुंचे तो सिंधिया ने उन्हें हिदायत देते हुए याद दिलाया कि उनकी ड्यूटी उनके साथ लगाई गई है, ऐसे में गैरमौजूदगी उचित नहीं है। गौरतलब है कि कलेक्टर किशोर कान्याल वही अधिकारी हैं, जो शाजापुर में ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के दौरान एक ड्राइवर से "तुम्हारी औकात क्या है" पूछने को लेकर सुर्खियों में आए थे।
इसी दौरान सिंधिया ने जनसुनवाई में आए एक मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले की तेजतर्रार पुलिस कप्तान मानी जाने वाली एसपी हितिका वासल को जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि "मोहन बरेला के भाई का मामला है, इसका पूरा इन्वेस्टिगेशन करिए।" बता दें कि IPS हितिका वासल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चर्चित पुलिस हवाला रकम लूट कांड की जांच भी सौंपी थी, जिसके बाद से उनकी छवि एक सख्त और निष्पक्ष अधिकारी की बनी है।
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इसी बीच एक बुजुर्ग किसान ने भरे मन से कह दिया- "माला डालते-डालते पूरी जिंदगी निकल गई, खाद कब मिलेगा साहब?" इस एक लाइन ने पूरे सभागार में सन्नाटा ला दिया और खाद संकट की गंभीरता को उजागर कर दिया।
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किसानों ने बताया कि जिले में खाद के लिए शुरू की गई ऑनलाइन टोकन व्यवस्था उनके लिए मुसीबत बन गई है। पोर्टल पर बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में टोकन खत्म दिखा दिया जाता है। कई किसान लगातार 4-5 दिन से रात-रात भर जागकर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन टोकन नहीं मिल रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि टोकन की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है और बिचौलिए सक्रिय हैं। सर्वर डाउन या तकनीकी खराबी की कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही, जिससे किसान सोसायटी के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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कलेक्टर को दिए निर्देश
किसानों की पीड़ा सुनकर सिंधिया ने मौके पर ही प्रशासनिक अमले की क्लास लगा दी। उन्होंने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को निर्देश दिए कि सभी किसानों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाएं और प्रत्येक शिकायत का व्यक्तिगत रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने ऑनलाइन व्यवस्था की पारदर्शी जांच कराने और वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसानों को बार-बार परेशान न होना पड़े।
केंद्रीय मंत्री एवं गुना-शिवपुरी क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना दौरे के दौरान गुरुवार को सर्किट हाउस में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उन्होंने जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी पर कड़े तेवर दिखा दिए। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को मंच पर न पाकर सिंधिया ने सख्त लहजे में पूछा- "कलेक्टर कहां है, बुलाओ जल्दी।"
अफसरों में अफरा तफरी
अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में कलेक्टर किशोर कान्याल मौके पर पहुंचे तो सिंधिया ने उन्हें हिदायत देते हुए याद दिलाया कि उनकी ड्यूटी उनके साथ लगाई गई है, ऐसे में गैरमौजूदगी उचित नहीं है। गौरतलब है कि कलेक्टर किशोर कान्याल वही अधिकारी हैं, जो शाजापुर में ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के दौरान एक ड्राइवर से "तुम्हारी औकात क्या है" पूछने को लेकर सुर्खियों में आए थे।
इसी दौरान सिंधिया ने जनसुनवाई में आए एक मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले की तेजतर्रार पुलिस कप्तान मानी जाने वाली एसपी हितिका वासल को जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि "मोहन बरेला के भाई का मामला है, इसका पूरा इन्वेस्टिगेशन करिए।" बता दें कि IPS हितिका वासल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चर्चित पुलिस हवाला रकम लूट कांड की जांच भी सौंपी थी, जिसके बाद से उनकी छवि एक सख्त और निष्पक्ष अधिकारी की बनी है।
