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जांच आयोग ने सिमी आतंकियों के एनकाउंटर को ठहराया जायज, जेलों की सुरक्षा के लिए सुझाए उपाय

Tue, 26 Jun 2018 01:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Tue, 26 Jun 2018 01:21 PM IST
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judicial inquiry gave the clean chit to cops on killing 8 SIMI suspects in encounter
भोपाल एनकाउंटर

मध्यप्रदेश में प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मुवमेंट आफ इंडिया (सिमी) के 8 सदस्यों को जेल से फरार होने के बाद एनकाउंटर में मारा गिराया था। इस एनकाउंटर को जांच आयोग की समिति ने सही ठहराया है। आयोग की इस रिपोर्ट ने सवालों के घेरे में रही मध्य प्रदेश पुलिस और राज्य सरकार को क्लीनचीट दे दी है। सिमी के 8 विचाराधीन कैदी भोपाल की जेल तोड़कर फरार हो गए थे। जिसके बाद उन्हें पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इस घटना की जांच कर रहे एक सदस्यीय जांच दल ने उस समय की परिस्थिति के लिहाज से इसे सही ठहराया है।

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मानसून सत्र के पहले दिन मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने जेल तोड़कर भागे सिमी के 8 सदस्यों की मुठभेड़ वाली जांच रिपोर्ट सदन में पेश की। इस मामले की जांच जस्टिस एसके पांडे की अध्यक्षता में हुई थी। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को उस समय की परिस्थितियों में सही करार दिया।
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जस्टिस पांडे ने रिपोर्ट में लिखा, ‘31 अक्टूबर 2016 को पुलिस द्वारा की गयी मुठभेड़ उस समय रही परिस्थितियों में सही थी। पुलिस की कार्रवाई आपराधिक दंड संहिता की धारा 41 एवं 46 (2) और (3) के प्रावधान के अनुरूप थी। भागने में सफल हुए बंदियों की मृत्यु के परिणामस्वरूप बल का उपयोग अत्यंत अनिवार्य था और उस समय की परिस्थितियों में उचित था।'
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आयोग की रिपोर्ट में इस तरह की घटना दोबारा ना हों इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए गए हैं। जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए एक समिति का गठन करने की बता कही गई है। यह समिति सुरक्षा मापदंडों की समीक्षा करने के साथ ही जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए पंजाब की तरह एक प्रशिक्षण केंद्र बनाने को कहा है।


यह है पूरा मामला

30 और 31 अक्टूबर की रात को भोपाल केंद्रीय कारागार में जेल प्रहरी की हत्या करके सिमी के 8 विचाराधीन कैदी दीवार फांदकर भाग गए थे। इसके बाद पुलिस ने सभी फरार कैदियों को एक मुठभेड़ में मार दिया था। घटना के एक हफ्ते बाद राज्य सरकार ने इस मुठभेड़ की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस एसके पांडे की अध्यक्षता में एक आयोग गठित किया। जिसने इस एनकाउंटर को सही ठहराया है।

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