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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jewelery worth Rs 12 lakh hidden in dustbin thrown in garbage in Rewa

Rewa: डस्टबिन में छिपा रखे थे 12 लाख के गहने; दामाद ने कचरा समझकर फेंके, डंपिंग यार्ड में मचा हड़कंप

Sat, 21 Oct 2023 03:21 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 21 Oct 2023 03:21 PM IST
सार

घर वालों ने तत्काल एक आवेदन नगर निगम के अधिकारी को लिखा और जेवरातों की तलाशी के लिए आग्रह किया। 450 मैट्रिक टन कचार यार्ड में कर्मी ढूढने में लगे 12 लाख के गहने।

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Jewelery worth Rs 12 lakh hidden in dustbin thrown in garbage in Rewa
कचरे से निकाले गए गहने। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

रीवा शहर से एक हैरान और परेशान कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां पर रहने वाले एक परिवार के लाखों रुपये के जेवरात अचानक से गायब हो गए। इस बात की भनक जब घर के लोगों को हुई तो उनके होश उड़ गए। परीजनों ने घर वालों से जानकारी जुटाई तो पता लगा कि दामाद जी ने डस्टबिन में रखे जेवराता को कचरा समझकर कचरा वाहन में डाल दिया। इसके बाद कचरा कलेक्शन करने वाले वाहन ने कॉलोनी का हर घर से कचरा कलेक्ट किया और यार्ड में लेजाकर सारा कचरा डंप कर दिया। घर वालों ने तत्काल एक आवेदन नगर निगम के अधिकारी को लिखा और जेवरातों की तलाशी के लिए आग्रह किया।

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कचरा समझकर डस्टबिन में रखे 12 लाख का जेवरात फेंका 
दरअसल रीवा शहर वार्ड क्रमांक 10 के नेहरू नगर में रहने वाली शांति मिश्रा चोरी के डर से सोने चांदी से बने घर के सारे जेवरात को एक झोले में भरकर डस्टबीन में डाल दिया और डस्टबिन में डालकर उस डस्टबिन को किचन में रख दिया। घटना दिनांक 14/10/2023 की सुबह घर घर कचरा कलेक्शन करने वाला वाहन कॉलोनी पहुंचा तभी घर में मौजूद शांति मिश्रा के दामाद प्रमोद मिश्रा ने कचरा समझकर डस्टबिन उठाया और उसके अन्दर रखे गए ज्वेलरी को कचरा वाहन में डाल दिया।
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डस्टबीन खोलकर कर देखा तो उड़े होश 
दूसरे दिन जब शांति मिश्रा ने डस्ट बिन खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने ने घर वालों से पूछताछ की। दामाद ने बताया की कचरा समझकर उन्होंने डस्टबिन का सामान डोर टू डोर कचरा एकत्र करने वाले  वाहन में डाल दिया। इसके बाद परिवार के लोग कचरा कलेक्शन करने वाले वाहन की तलाश में जुट गए। इसके घर वालों ने घटना की जानकारी कचरा गाड़ी का संचालन करने वाली कंपनी के अधिकारियों को दी और सोने चांदी से भरे जेवरात को तलाश करने का आग्रह करते हुए एक आवेदन पत्र दिया।
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450 मैट्रिक टन कचरे से 30 घंटे बाद बरामद हुए जेवरात 
कचरा प्लांट के प्रबंधन तत्काल ही इस मामले पर तत्परता दिखाई और पहाड़िया स्थित कचरा संयंत्र प्लांट में फरियादी के साथ उक्त जेवरात की खोज की खोजबीन शुरू की। तकरीबन 30 घंटे की मशक्कत कर 450 मैट्रिक टन कचरे से कर्मचारियों ने सोने और चांदी से भरे झोले को बरामद कर लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार को कचरा प्लांट में बुलाया गया और वह झोला उन्हे सौंप दिया गया। सोने चांदी से भरे झोले को वापस पाकर पीड़ीत परिवार ने राहत की सांस ली और कचरा प्लांट में तैनात अधिकारी और कर्मचारियों की काफी प्रशंसा की। एच आर मैनेजर देवेंद्र महतो सहित सफाई कर्मचारियों की ईमानदारी की काफी प्रशंसा की। 450 मैट्रिक टन कचरे से बरामद हुए सोने चांदी से बने जेवरात की कीमत तकरीबन 12 लाख रुपय है।

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