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Jabalpur News: कुलपति के खिलाफ उत्पीड़न के आरोप की जांच से दो सदस्यों का इंकार, प्रमुख सचिव बनाएंगे नई कमेटी

Sun, 09 Feb 2025 08:46 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sun, 09 Feb 2025 08:46 AM IST
सार

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक महिला अधिकारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जांच समिति के सदस्यों के इनकार के बाद नई समिति गठित होगी। हाईकोर्ट ने जांच प्रगति और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। सरकार ने समिति पुनर्गठन की जानकारी दी। 

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Two members refused to investigate, Principal Secretary will form a new committee
high court news

विस्तार

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक महिला अधिकारी ने हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की थी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि गठित कमेटी के दो सदस्यों ने जांच से इनकार कर दिया है। उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव नई कमेटी गठित करने पर निर्णय लेंगे। हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने जांच कमेटी के गठन से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं।

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पीड़ित महिला अधिकारी की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि कुलपति आर. के. वर्मा ने 21 नवंबर 2024 को उन्हें अपने कक्ष में चर्चा के लिए बुलाया था। इस बैठक में उनके साथ अधीनस्थ कर्मचारी भी उपस्थित थे, और वह अकेली महिला थीं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि कुलपति ने अधीनस्थों के समक्ष अशोभनीय टिप्पणी और अभद्र इशारे किए। इस संबंध में उन्होंने राज्य महिला आयोग और प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा सहित अन्य संबंधित संस्थाओं में शिकायत दर्ज कराई थी।

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राज्य महिला आयोग और प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा ने उनकी शिकायत पर कुलपति के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। लेकिन, आदेश के बावजूद जांच प्रारंभ न होने के कारण यह याचिका दायर की गई। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया था कि उन्होंने घटना दिनांक की सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करने के लिए आरटीआई के तहत आवेदन किया था, लेकिन उन्हें यह फुटेज प्रदान नहीं की गई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान जांच की स्थिति पर जानकारी प्रस्तुत करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे।

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याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि जांच कमेटी के सदस्यों पर पक्षपात के आरोप लगाए जा रहे थे, जिसके चलते उन्होंने जांच से इनकार कर दिया। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना दिनांक की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित है, और इस संबंध में विभाग के प्रमुख सचिव को सूचित कर दिया गया है। अब वे नई जांच कमेटी का गठन करेंगे। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की।

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