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MP News: जमानती वारंट जारी होने पर महिला रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर किया पेश, अफसरों ने उपस्थित होकर मांगी माफी
Wed, 13 May 2026 09:37 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 09:37 PM IST
सार
हाईकोर्ट के जमानती वारंट पर चित्रकूट पुलिस महिला रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर कोर्ट पहुंची, जबकि याचिका पहले ही निराकृत हो चुकी थी। कोर्ट ने जबरन पेशी पर नाराजगी जताई। सुनवाई में एसडीओपी और महिला एसआई ने गलती स्वीकार कर बिना शर्त माफी मांगी। हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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मप्र हाईकोर्ट
विस्तार
जमानतीय वारंट जारी होने पर चित्रकूट पुलिस द्वारा महिला रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर पेश किया गया। महिला रजिस्ट्रार को पेश करने से पहले ही हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया था। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में उपस्थित हुए एसडीओपी तथा महिला एसआई की तरफ से गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी मांगी गई। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक मिश्रा ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए हैं।
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याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त प्रोफेसर डाॅ. प्रमिला सिंह की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि वे महात्मा गांधी महात्मा गांधी ग्रामोदय यूनिवर्सिटी चित्रकूट में कार्यरत थीं। उन्हें सेवानिवृत्त हुए सात साल हो गए हैं। सेवा देयकों का भुगतान नहीं किए जाने के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने दिसम्बर 2024 में भुगतान करने के आदेश जारी किए थे। इसका पालन नहीं होने के कारण उक्त अवमानना याचिका दायर की गई है।
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अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट रजिस्ट्रार नीरजा नामदेव के खिलाफ 25 हजार रुपये का जमानती वारंट सतना पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जारी किया था। हाईकोर्ट ने महिला रजिस्ट्रार को सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश जारी किए थे। हाईकोर्ट ने 6 मई को याचिका पर सुनवाई के दौरान भुगतान संबंधित रसीद पेश करने पर याचिका का निराकरण कर दिया था। याचिका का निराकरण होने के बाद पुलिस द्वारा महिला रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर पेश किया गया था। हाईकोर्ट में उपस्थित चित्रकूट पुलिस स्टेशन में पदस्थ सब इंस्पेक्टर नेहा ठाकुर ने बताया कि उन्होंने एसडीओपी चित्रकूट के आदेश पर महिला रजिस्ट्रार को कोर्ट के सामने पेश किया है। इसके अलावा महिला रजिस्ट्रार ने बेल बॉन्ड नहीं भरा है।
एकलपीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि महिला रजिस्ट्रार को कोर्ट के सामने जबरदस्ती पेश करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था।। हाईकोर्ट एकलपीठ ने महिला रजिस्ट्रार को तत्काल रिहा करने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई के दौरान महिला सब इंस्पेक्टर तथा एसडीओपी राकेश बंजारा को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान एसडीओपी तथा महिला सब इंस्पेक्टर ने व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर क्षमा याचना की। एकलपीठ ने सुनाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए हैं।
