फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Tell me how many horses are left, how is their health?

जबलपुर में घोड़ों की मौत का मामला: हाईकोर्ट ने पूछा कितने घोड़े जीवित; अगली सुनवाई 3 दिसंबर को

Wed, 12 Nov 2025 06:24 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क,अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Wed, 12 Nov 2025 06:24 PM IST
सार

युगलपीठ ने अनावेदक सचिन तिवारी को निर्देश दिया कि वे शपथपत्र पर यह स्पष्ट करें कि वर्तमान में कितने घोड़े जीवित हैं और उनका मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य कैसा है। अदालत ने यह भी पूछा है कि घोड़ों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा रहे हैं।

विज्ञापन
Tell me how many horses are left, how is their health?
एमपी हाईकोर्ट में घोड़ों की मौत के मामले में सुनवाई हुई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौत के मामले को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से रिज्वाइंडर पेश कर आरोप लगाया गया कि पिछले महीने कुछ और घोड़ों की मौत हुई है, जिसकी जानकारी छुपाई जा रही है।
विज्ञापन


इस पर मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने अनावेदक सचिन तिवारी को निर्देश दिया कि वे शपथपत्र पर यह स्पष्ट करें कि वर्तमान में कितने घोड़े जीवित हैं और उनका मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य कैसा है। अदालत ने यह भी पूछा है कि घोड़ों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को नियत की गई है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: शादी की पगड़ी का मामला पहुंचा कोर्ट,अब मालिक को ही भरना पड़ेगा इतने का जुर्माना
विज्ञापन
विज्ञापन


कलेक्टर और केयरटेकर ने दी थी जानकारी
पिछली सुनवाई के दौरान जबलपुर कलेक्टर एवं घोड़ों के केयरटेकर की ओर से शपथपत्र के माध्यम से विस्तृत जानकारी पेश की गई थी। इसमें घोड़ों की मौत के कारण, उपचाररत घोड़ों की मेडिकल रिपोर्ट, इलाज और भोजन व्यवस्था का ब्यौरा शामिल था। शपथपत्र में दावा किया गया था कि अब तक 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है।

पशु प्रेमी की याचिका में गंभीर आरोप
जबलपुर निवासी पशु प्रेमी सिमरन इस्सर की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि हैदराबाद निवासी सुरेश पाल गुडू, जो गुडू हॉर्स पावर लीग के संचालक हैं, ने हैदराबाद रेस क्लब में दो घोड़ों की रेस कराई थी। इस रेस को उन्होंने ‘ट्रोपंग करेठस्ता’ नामक एप के जरिए फिलीपींस में ऑनलाइन स्ट्रीम किया और वहां सट्टा खिलवाया।


फिलीपींस सरकार की शिकायत पर यह गतिविधि बंद कर दी गई थी। आरोप है कि गुडू के पास करीब 150 से अधिक घोड़े थे, लेकिन उन्होंने चार महीने पूर्व कर्मचारियों को वेतन देना बंद कर दिया, जिससे भोजन की कमी के कारण लगभग 90 घोड़ों की मौत हो गई।

याचिका में यह भी कहा गया है कि मृत घोड़ों के साक्ष्य छिपाने के लिए शेष घोड़ों को नियम विरुद्ध तरीके से जबलपुर लाकर पनागर के रैपुरा क्षेत्र में सचिन तिवारी के संरक्षण में रखा गया। उचित देखरेख, भोजन और उपचार न मिलने से यहां भी कई घोड़ों की मृत्यु हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed