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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur No bail for the person who cheated crores of rupees by digital arrest

Jabalpur News: डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी करने वाले को जमानत नहीं, दुबई भेजा जाता था रुपया

Thu, 30 Jan 2025 08:45 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 30 Jan 2025 08:45 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य अब्दुल रहमान की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपराध को गंभीर मानते हुए राहत देने से इनकार किया। आरोपी पर 69 लाख की ठगी और अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से जुड़े होने के आरोप हैं, जिसकी रकम दुबई भेजी जाती थी। 

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Jabalpur  No bail for the person who cheated crores of rupees by digital arrest
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डिजिटल अरेस्ट कर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने पाया कि ठगी के रुपये दुबई भेजे जाते थे। एकलपीठ ने अपराध को गंभीर प्रवृत्ति का मानते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया।

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केरल निवासी अब्दुल रहमान की तरफ से दायर की गई जमानत याचिका में कहा गया था कि भोपाल क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट कर एक व्यक्ति से लगभग 69 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में उसे 22 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था, तभी से वह न्यायिक अभिरक्षा में है। प्रकरण में सह आरोपी बनाए गए दो आरोपियों को जमानत का लाभ मिल गया है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच ने न्यायालय में आरोप पत्र भी प्रस्तुत कर दिया है।
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जमानत आवेदन का विरोध करते हुए शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी से बताया कि आरोपी अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का सदस्य है। एनसीआरपी पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार गिरोह ने 14 व्यक्तियों से 3 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। वर्तमान मामले में शिकायतकर्ता को फोन कर उसकी आधार आईडी से 200 मिलीग्राम एमडीएमए ड्रग्स भेजने के नाम कर धमकाया गया और डिजिटल अरेस्ट कर उससे लगभग 69 लाख रुपये लिए गए। इसके अलावा दुबई निवासी सह अभियुक्त मोहम्मद शफी ने आवेदन के कहने पर अब्दुल नाम व्यक्ति के खाते में 14 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए थे। आवेदन ने अब्दुल से उक्त रकम लेकर मोहम्मद रफी द्वारा भेजे गए एजेंट को दी थी। आवेदक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का सदस्य है, जिसके तार अन्य प्रदेश के साथ दुबई से जुड़े हुए हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया।   

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