{"_id":"666b009d47da381af704efad","slug":"neet-the-matter-of-neet-exam-reached-the-high-court-both-the-petitions-will-be-heard-again-on-june-14-2024-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"NEET: नीट परीक्षा का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, दोनों याचिकाओं पर 14 जून को फिर होगी सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
NEET: नीट परीक्षा का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, दोनों याचिकाओं पर 14 जून को फिर होगी सुनवाई
Thu, 13 Jun 2024 07:52 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 13 Jun 2024 07:52 PM IST
सार
याचिका में कहा गया था कि एम्स का कट ऑफ मार्क्स 717 है। एक संस्थान के छात्रों को उपकृत करने के लिए परीक्षा में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार किया गया है। याचिका में राहत चाही गई थी कि उच्च न्यायालय की निगरानी में उच्च स्तरीय कमेटी जांच करे तथा चयनित छात्रों को अस्थायी तौर पर दाखिला दिया जाए।
विज्ञापन
NEET Result
- फोटो : Amar ujala graphics
विस्तार
नीट यूजी परीक्षा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। दोनों याचिकाओं पर हाईकोर्ट जस्टिस अमरनाथ केसरवानी तथा जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की युगलपीठ ने प्रारंभिक सुनवाई की। युगलपीठ ने दोनों याचिकाओं पर शुक्रवार 14 जून को सुनवाई के आदेश जारी किए हैं।
जबलपुर निवासी अमीशी वर्मा की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा है कि वह नीट यूजी परीक्षा 2024 में शामिल हुई थी। उसे 720 अंक में से 615 अंक प्राप्त हुए थे। उसे व्यक्तिगत तथा विशेषज्ञों की गणना अनुसार अधिक अंक मिलने की उम्मीद थी। याचिका में कहा गया था कि परीक्षा परिणाम में 67 छात्रों को शत-प्रतिशत अंक मिले हैं। एक ही कोचिंग संस्थान में 6 छात्रों को शत-प्रतिशत अंक तथा दो को 718 व 719 अंक प्राप्त हुए हैं। सभी के नाम व रोल नम्बर में सामान्य है। याचिका में कहा गया था कि गलत उत्तर देने पर चार अंक काटे जाते हैं। दो छात्रों को 718 व 719 अंक कैसे मिल सकते हैं। उनका एक उत्तर गलत था तो चार नम्बर काटकर 716 अंक मिलने चाहिए थे। सभी उत्तर सही थे तो 720 अंक मिलने चाहिए थे।
याचिका में कहा गया था कि एम्स का कट ऑफ मार्क्स 717 है। एक संस्थान के छात्रों को उपकृत करने के लिए परीक्षा में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार किया गया है। याचिका में राहत चाही गई थी कि उच्च न्यायालय की निगरानी में उच्च स्तरीय कमेटी जांच करे तथा चयनित छात्रों को अस्थायी तौर पर दाखिला दिया जाए।
विज्ञापन
भोपाल निवासी छात्रा निशिता की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उन्हें 617 अंक मिलने चाहिए थे। रिजल्ट आने पर उन्हें 340 अंक मिले। परीक्षा में कुल 180 प्रश्न थे। इसमें से उन्होंने 159 प्रश्नों को उत्तर सही दिया था तथा 19 प्रश्नों का उत्तर गलत दिया था। दो प्रश्नों के उत्तर में पता नहीं दिए थे। याचिका में रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी पैरवी के लिए उपस्थित हुए।
विज्ञापन
जबलपुर निवासी अमीशी वर्मा की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा है कि वह नीट यूजी परीक्षा 2024 में शामिल हुई थी। उसे 720 अंक में से 615 अंक प्राप्त हुए थे। उसे व्यक्तिगत तथा विशेषज्ञों की गणना अनुसार अधिक अंक मिलने की उम्मीद थी। याचिका में कहा गया था कि परीक्षा परिणाम में 67 छात्रों को शत-प्रतिशत अंक मिले हैं। एक ही कोचिंग संस्थान में 6 छात्रों को शत-प्रतिशत अंक तथा दो को 718 व 719 अंक प्राप्त हुए हैं। सभी के नाम व रोल नम्बर में सामान्य है। याचिका में कहा गया था कि गलत उत्तर देने पर चार अंक काटे जाते हैं। दो छात्रों को 718 व 719 अंक कैसे मिल सकते हैं। उनका एक उत्तर गलत था तो चार नम्बर काटकर 716 अंक मिलने चाहिए थे। सभी उत्तर सही थे तो 720 अंक मिलने चाहिए थे।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया था कि एम्स का कट ऑफ मार्क्स 717 है। एक संस्थान के छात्रों को उपकृत करने के लिए परीक्षा में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार किया गया है। याचिका में राहत चाही गई थी कि उच्च न्यायालय की निगरानी में उच्च स्तरीय कमेटी जांच करे तथा चयनित छात्रों को अस्थायी तौर पर दाखिला दिया जाए।
विज्ञापन
भोपाल निवासी छात्रा निशिता की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उन्हें 617 अंक मिलने चाहिए थे। रिजल्ट आने पर उन्हें 340 अंक मिले। परीक्षा में कुल 180 प्रश्न थे। इसमें से उन्होंने 159 प्रश्नों को उत्तर सही दिया था तथा 19 प्रश्नों का उत्तर गलत दिया था। दो प्रश्नों के उत्तर में पता नहीं दिए थे। याचिका में रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी पैरवी के लिए उपस्थित हुए।
