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MP News: हाईकोर्ट ने डीइओ के निलंबन आदेश पर लगाई रोक, मुख्यमंत्री ने मंच से दिया था आदेश
Wed, 21 Dec 2022 11:14 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 21 Dec 2022 11:14 PM IST
सार
याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसे राजनीतिक कारण से दुर्भावनावश निलंबित किया गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस दिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था, उसी दिन कलेक्टर का प्रतिवेदन आया और उसी दिन संभागायुक्त ने निलंबन आदेश भी जारी की दिया।
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MP High Court
- फोटो : Social Media
विस्तार
हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकलपीठ ने सीधी के जिला शिक्षा अधिकारी (डीइओ) पवन कुमार सिंह के निलंबन आदेश के क्रियान्वयन पर आगामी सुनवाई तक के लिए रोक लगा दी है। इसी के साथ राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है। इसके लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया है।
बता दें कि याचिकाकर्ता पवन कुमार सिंह की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से उनके निलंबन का आदेश दिया था। जिसके बाद निलंबन आदेश जारी कर दिया गया। मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान कार्यक्रम में शिकायत मिली थी। जिसके आधार पर कलेक्टर ने प्रतिवेदन दिया। उसी तारतम्य में मुख्यमंत्री ने मंच से निलंबित करने का आदेश दे दिया। जिसका पालन करते हुए 10 फरवरी 2022 को संभागायुक्त, रीवा ने याचिकाकर्ता को डीइओ पद से निलंबित कर संयुक्त संचालक कार्यालयए रीवा में सम्बद्ध कर दिया। इसी आदेश की वैधानिकता को याचिका के जरिए चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसे राजनीतिक कारण से दुर्भावनावश निलंबित किया गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस दिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था, उसी दिन कलेक्टर का प्रतिवेदन आया और उसी दिन संभागायुक्त ने निलंबन आदेश भी जारी की दिया। इससे साफ है कि पहले से मन बनाकर तैयारी कर ली गई थी। मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा महज औपचारिकता थी।
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बता दें कि याचिकाकर्ता पवन कुमार सिंह की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से उनके निलंबन का आदेश दिया था। जिसके बाद निलंबन आदेश जारी कर दिया गया। मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान कार्यक्रम में शिकायत मिली थी। जिसके आधार पर कलेक्टर ने प्रतिवेदन दिया। उसी तारतम्य में मुख्यमंत्री ने मंच से निलंबित करने का आदेश दे दिया। जिसका पालन करते हुए 10 फरवरी 2022 को संभागायुक्त, रीवा ने याचिकाकर्ता को डीइओ पद से निलंबित कर संयुक्त संचालक कार्यालयए रीवा में सम्बद्ध कर दिया। इसी आदेश की वैधानिकता को याचिका के जरिए चुनौती दी गई है।
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याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसे राजनीतिक कारण से दुर्भावनावश निलंबित किया गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस दिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था, उसी दिन कलेक्टर का प्रतिवेदन आया और उसी दिन संभागायुक्त ने निलंबन आदेश भी जारी की दिया। इससे साफ है कि पहले से मन बनाकर तैयारी कर ली गई थी। मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा महज औपचारिकता थी।
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