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MP News: ऑनलाइन गेमिंग पर अंकुश लगाने तीन माह में ठोस कार्रवाई करे प्रदेश सरकार, हाईकोर्ट का आदेश
Wed, 31 Aug 2022 07:19 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 31 Aug 2022 07:19 PM IST
सार
सरकार की तरफ से हफलनामा पेश करते हुए बताया गया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में सभी प्रदेश के गृह सचिव के साथ 21 जुलाई 2022 को बैठक की थी। वर्तमान में यह मामला इंटर स्टेट एडवाइजरी कमेटी के पास है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा है कि ऑनलाइन गेमिंग पर अकुंश लगाने के लिए प्रदेश सरकार तीन माह में ठोस कार्रवाई करे। जस्टिस विवेक अग्रवाल ने छह माह का समय प्रदान करने के आग्रह को अस्वीकार करते हुए अपने आदेश में कहा है कि आर्थिक, मानसिक तथा शारीरिक रूप से देश के युवा प्रभावित हो रहे हैं। लंबे समय तक इंतजार नहीं किया जा सकता है।
बता दें कि सिंगरौली निवास सनत कुमार जैसवाल ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका प्रस्तुत की थी। याचिकाकर्ता पर आरोप था कि उनके अपने नाना के खाते से 8 लाख 51 हजार रुपये निकालकर आईपीएल सट्टे में बर्बाद कर दिए थे। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस मुद्दे को संज्ञान में लिया था। याचिका की सुनवाई के दौरान असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ने एकलपीठ को बताया था कि जुआ व सट्टा राज्य सरकार का विषय है।
सरकार की तरफ से हफलनामा पेश करते हुए बताया गया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में सभी प्रदेश के गृह सचिव के साथ 21 जुलाई 2022 को बैठक की थी। वर्तमान में यह मामला इंटर स्टेट एडवाइजरी कमेटी के पास है। इस संबंध में कार्रवाई के संबंध में एडवाइजरी कमेटी निर्णय लेगी। प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग व बैटिंग पर नियम बनाने के लिए छह माह का समय प्रदान करने का आग्रह किया था। असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल की तरफ से बताया गया कि केन्द्रीय गृह मंत्री इस संबंध में विधेयक जारी करने वाले हैं।
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एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किए। एकलपीठ ने अपने आदेश में रजिस्टार जनरल को निर्देशित किया है कि सॉफ्टवेयर में ऐसा संशोधन किया जाए कि हाईकोर्ट में दाखिल होने वाले दस्तावेज के फाइलिंग नम्बर के साथ उसके दाखिल करने का तारीख व समय भी होना चाहिए। एकलपीठ ने इसके लिए तीन कार्य दिवस का समय प्रदान किया है। याचिका पर अगली सुनवाई 30 नवंबर को निर्धारित की गई है। सरकार की तरफ से अधिवक्ता जीपी सिंह उपस्थित हुए।
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बता दें कि सिंगरौली निवास सनत कुमार जैसवाल ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका प्रस्तुत की थी। याचिकाकर्ता पर आरोप था कि उनके अपने नाना के खाते से 8 लाख 51 हजार रुपये निकालकर आईपीएल सट्टे में बर्बाद कर दिए थे। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस मुद्दे को संज्ञान में लिया था। याचिका की सुनवाई के दौरान असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ने एकलपीठ को बताया था कि जुआ व सट्टा राज्य सरकार का विषय है।
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सरकार की तरफ से हफलनामा पेश करते हुए बताया गया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में सभी प्रदेश के गृह सचिव के साथ 21 जुलाई 2022 को बैठक की थी। वर्तमान में यह मामला इंटर स्टेट एडवाइजरी कमेटी के पास है। इस संबंध में कार्रवाई के संबंध में एडवाइजरी कमेटी निर्णय लेगी। प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग व बैटिंग पर नियम बनाने के लिए छह माह का समय प्रदान करने का आग्रह किया था। असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल की तरफ से बताया गया कि केन्द्रीय गृह मंत्री इस संबंध में विधेयक जारी करने वाले हैं।
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एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किए। एकलपीठ ने अपने आदेश में रजिस्टार जनरल को निर्देशित किया है कि सॉफ्टवेयर में ऐसा संशोधन किया जाए कि हाईकोर्ट में दाखिल होने वाले दस्तावेज के फाइलिंग नम्बर के साथ उसके दाखिल करने का तारीख व समय भी होना चाहिए। एकलपीठ ने इसके लिए तीन कार्य दिवस का समय प्रदान किया है। याचिका पर अगली सुनवाई 30 नवंबर को निर्धारित की गई है। सरकार की तरफ से अधिवक्ता जीपी सिंह उपस्थित हुए।
