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MP News: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे का नहीं मिल रहा लाभ, राज्य सरकार व पीएससी को नोटिस जारी
Fri, 20 Jan 2023 07:44 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 20 Jan 2023 07:44 PM IST
सार
एमपी-पीएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए साल 2017 में परीक्षा आयोजित की थी। इसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कोटा लागू नहीं किया गया था। एमपीपीएससी ने साल 2022 ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए परीक्षा आयोजित की। इसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटा लागू नहीं किया गया है।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटा लागू नहीं किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि देश के अन्य राज्यों में यह कोटा लागू है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बता दें कि याचिकाकर्ता डॉ. वीबी सिंह की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वे गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हैं। उनके दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जिसका प्रमाण-पत्र जिला कलेक्टर द्वारा जारी किया गया है। एमपी-पीएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए साल 2017 में परीक्षा आयोजित की थी। इसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कोटा लागू नहीं किया गया था। एमपीपीएससी ने साल 2022 ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए परीक्षा आयोजित की। इसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटा लागू नहीं किया गया है।
याचिका में कहा गया था कि एमपी-पीएससी किसी भी परीक्षा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटा लागू नहीं कर रही है। उत्तर प्रदेश, हरियाण, बिहार सहित अन्य प्रदेशों में यह कोटा लागू है। इस संबंध में उन्होंने साल 2021 में मुख्यमंत्री को अभ्यावेदन दिया था। अभ्यावेदन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ उक्त याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने एमपी-पीएससी व उच्चशिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता हैरी बामोरिया ने पैरवी की।
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बता दें कि याचिकाकर्ता डॉ. वीबी सिंह की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वे गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हैं। उनके दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जिसका प्रमाण-पत्र जिला कलेक्टर द्वारा जारी किया गया है। एमपी-पीएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए साल 2017 में परीक्षा आयोजित की थी। इसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कोटा लागू नहीं किया गया था। एमपीपीएससी ने साल 2022 ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए परीक्षा आयोजित की। इसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटा लागू नहीं किया गया है।
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याचिका में कहा गया था कि एमपी-पीएससी किसी भी परीक्षा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटा लागू नहीं कर रही है। उत्तर प्रदेश, हरियाण, बिहार सहित अन्य प्रदेशों में यह कोटा लागू है। इस संबंध में उन्होंने साल 2021 में मुख्यमंत्री को अभ्यावेदन दिया था। अभ्यावेदन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ उक्त याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने एमपी-पीएससी व उच्चशिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता हैरी बामोरिया ने पैरवी की।
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