फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   MP News: High Court angry over the report of the meeting with the Chief Secretary

MP News: मुख्य सचिव के साथ बैठक की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट नाराज, कहा- कागजी कार्यवाही पेश करने से नहीं होगा काम

Mon, 19 Feb 2024 09:15 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 19 Feb 2024 09:15 PM IST
सार

मोटर व्हीकल एक्ट का परिपालन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। इसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट ने दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिर्वायता के संबंध में आदेश जारी किए हैं। मोटर व्हीकल एक्ट में दिए गए प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए तो सड़क दुर्घटना में मौतों के ग्राफ में कमी आएगी। सरकार द्वारा पेश रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। 

विज्ञापन
MP News: High Court angry over the report of the meeting with the Chief Secretary
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोटर व्हीकल एक्ट का परिपालन निश्चित रूप से प्रदेश में लागू किए जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से एक्ट के परिपालन के संबंध हुई संबंधित विभाग तथा कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश की गई। हाईकोर्ट जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सिर्फ कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। युगलपीठ ने पुनः रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी करते हुए सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की है।
विज्ञापन


विधि छात्रा ऐश्वर्या शांडिल्य की तरफ से सड़क दुर्घटना में हुई दो व्यक्तियों की मौत का हवाला देते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। चीफ जस्टिस के निर्देश पर उक्त याचिका सुनवाई के लिए मुख्य पीठ में स्थानांतरित की गई थी। याचिका में कहा गया था कि दुर्घटना के समय दो पहिया वाहन चालक हेलमेट लगाए होते तो उनकी मौत नहीं होती। अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से सिर में चोट आने के कारण दोपहिया वाहन सवारों की मौत होती है।
विज्ञापन


याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट ने दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिर्वायता के संबंध में आदेश जारी किए हैं। मोटर व्हीकल एक्ट में भी हेलमेट लगाकर वाहन चलाने का प्रावधान है। चौपहिया वाहनों के लिए सीट बेल्ट लगाना तथा वाहनों में हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगाना भी आवश्यक है। जिसका प्रदेश में पालन नहीं किया जाता है। मोटर व्हीकल एक्ट में दिए गए प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए तो सड़क दुर्घटना में मौतों के ग्राफ में कमी आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मोटर व्हीकल एक्ट का परिपालन निश्चित तौर पर किए जाने के आदेश जारी किए थे। आदेश का पालन नहीं होने पर युगलपीठ ने सरकार पर 25 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई थी। सरकार के आग्रह पर वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, हेलमेट तथा सीट बेल्ट की अनिर्वायता का सुनिश्चित तौर पर परिपालन के लिए हाईकोर्ट ने 6 माह का समय प्रदान किया था। निर्धारित समय सीमा में आदेश का परिपालन नहीं होने के कारण हाईकोर्ट ने परिवहन आयुक्त तथा एडीजीपी पुलिस मुख्यालय को तलब करते हुए अवमानना के संबंध में उन्हें शोकॉज नोटिस जारी किए थे। दोनों अधिकारियों की तरफ से शोकॉज नोटिस का जवाब पेश किया गया था, जिसे युगलपीठ ने स्वीकार किया था।


याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अवधेश कुमार तोमर ने बताया कि सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से मुख्य सचिव के साथ 5 फरवरी को हुई संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक तथा एक्ट के परिपालन के संबंध में की गई कार्यवाही का ब्यौरा पेश किया गया। जिस पर नाराजगी जाहिर करते हुए युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed