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MP High Court: बिना काम के कर दिया करोड़ों का भुगतान, जनहित याचिका में आरोप
Tue, 12 Jul 2022 08:25 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 12 Jul 2022 08:25 PM IST
सार
आवेदक का कहना है कि मामले की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से लोकायुक्त में की गई, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट की शरण ली गई।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुरहानपुर में साइड रोड व नाले नालियों का निर्माण के टेंडर होने व बिना काम के करोड़ों का भुगतान किए जाने का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने पूर्व में दिए गए रिकॉर्ड पेश करने के मामले में अनावेदकों को दो सप्ताह की मोहलत प्रदान करते हुए मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है।
बुरहानपुर निवासी समाजसेवी बालचंद्र शिंदे की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि नगर पालिका बुरहानपुर ने सड़क निर्माण सहित नाले नालियों के निर्माण के लिए टेंडर निकाले थे। आरोप है कि उक्त कार्य पूरा हुए बगैर ही ठेकेदार कंपनियों को करीब 18 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। ये भी आरोप लगाया है कि उक्त पूरे मामले में नपा अधिकारियों की भी साठगांठ है।
आवेदक का कहना है कि मामले की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से लोकायुक्त में की गई, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट की शरण ली गई। मामले में मप्र शासन के मुख्य सचिव, बुरहानपुर कलेक्टर, नगर पालिका आयुक्त, मेसर्स फलौदी कंस्ट्रक्शन, मेसर्स वैभव कंस्ट्रक्शन, ईई नपा बुरहानपुर व लोकायुक्त भोपाल सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया है। मामले की पिछली सुनवाई पर न्यायालय ने राज्य सरकार व नपा को रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए थे। आगे हुई सुनवाई पर न्यायालय ने दो सप्ताह की मोहलत दी है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हरीशचंद्र कोहली हाजिर हुए।
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बुरहानपुर निवासी समाजसेवी बालचंद्र शिंदे की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि नगर पालिका बुरहानपुर ने सड़क निर्माण सहित नाले नालियों के निर्माण के लिए टेंडर निकाले थे। आरोप है कि उक्त कार्य पूरा हुए बगैर ही ठेकेदार कंपनियों को करीब 18 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। ये भी आरोप लगाया है कि उक्त पूरे मामले में नपा अधिकारियों की भी साठगांठ है।
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आवेदक का कहना है कि मामले की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से लोकायुक्त में की गई, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट की शरण ली गई। मामले में मप्र शासन के मुख्य सचिव, बुरहानपुर कलेक्टर, नगर पालिका आयुक्त, मेसर्स फलौदी कंस्ट्रक्शन, मेसर्स वैभव कंस्ट्रक्शन, ईई नपा बुरहानपुर व लोकायुक्त भोपाल सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया है। मामले की पिछली सुनवाई पर न्यायालय ने राज्य सरकार व नपा को रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए थे। आगे हुई सुनवाई पर न्यायालय ने दो सप्ताह की मोहलत दी है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हरीशचंद्र कोहली हाजिर हुए।
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