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MP High Court: शासकीय भूमि के पट्टे आवंटन को चुनौती, शहडोल कलेक्टर सहित अन्य को नोटिस
Thu, 27 Oct 2022 08:42 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 27 Oct 2022 08:42 PM IST
सार
शहडोल जिले के जैतपुर ग्राम में राजस्व भूमि के पट्टे आवंटन को हाईकोर्ट में जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है। आवेदक का कहना है कि उक्त मामले की शिकायत पर छ: लोगों को गलत पट्टे आवंटित होने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल जिले के जैतपुर ग्राम में राजस्व भूमि के पट्टे आवंटन को हाईकोर्ट में जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने मामले में अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह जनहित का मामला शहडोल जैतपुर निवासी रामप्रसन्न शर्मा की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया कि गांव में कुछ लोगों को शासकीय राजस्व भूमि के पट्टे वन भूमि के तहत आवंटित कर दिए गए हैं, जबकि राजस्व भूमि के पट्टे आवंटित नहीं किए जा सकते। आवेदक का कहना है कि उक्त मामले की शिकायत पर छ: लोगों को गलत पट्टे आवंटित होने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
मामले में प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, आयुक्त राजस्व, कलेक्टर शहडोल, एसडीओ शहडोल व एडीशनल कमिश्नर आदिवासी विकास विभाग को पक्षकार बनाया गया है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने पक्ष रखा।
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यह जनहित का मामला शहडोल जैतपुर निवासी रामप्रसन्न शर्मा की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया कि गांव में कुछ लोगों को शासकीय राजस्व भूमि के पट्टे वन भूमि के तहत आवंटित कर दिए गए हैं, जबकि राजस्व भूमि के पट्टे आवंटित नहीं किए जा सकते। आवेदक का कहना है कि उक्त मामले की शिकायत पर छ: लोगों को गलत पट्टे आवंटित होने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
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मामले में प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, आयुक्त राजस्व, कलेक्टर शहडोल, एसडीओ शहडोल व एडीशनल कमिश्नर आदिवासी विकास विभाग को पक्षकार बनाया गया है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने पक्ष रखा।
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