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Jabalpur: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला, आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा
Tue, 01 Oct 2024 08:11 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2024 08:11 PM IST
सार
MP: नाबालिग से सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर कोर्ट ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बता दें कि विशेष न्यायाधीश नौशीन खान की अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 12-12 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
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नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नाबालिग द्वारा बच्ची को जन्म देने पर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किये जाने की घटना सामने आई थी। नागपुर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना के लिए बालाघाट जिले के खैरलांजी थाने को प्रकरण स्थानांतरित किया गया था। पुलिस ने विवेचना कर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया था। विशेष न्यायाधीश नौशीन खान की अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 12-12 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार आरोपी महाराष्ट्र नागपुर के पारडी निवासी 19 वर्षीय दादू उर्फ पितम पिता दशरथ गडलीग और कलमना निवासी 19 वर्षीय मयूर पिता सुनील धुले ने मई 2020 में खैरलांजी थाना अंतर्गत खरखडी गांव में नाबालिग को सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद भी आरोपियों ने पारडी स्थित अपने घर में भी उसके साथ दुराचार किया था। नाबालिग के गर्भवती होने पर 16 सितंबर 2021 को नागपुर के डागा अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था। जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया नागपुर पुलिस ने पीड़िता से पूछताछ की। नाबालिग ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अन्य व्यक्यिों के नाम लिये थे।
घटनास्थल खैरलांजी थाना ग्राम खरखडी का होने के कारण नागपुर पुलिस प्रकरण दर्ज करने के बाद केस डायरी संबंधित थाने को विवेचना के लिए स्थानांतरित कर दी थी। खैरलांजी पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से जांच करते हुए सही आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया। न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान शेष किये गये साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत अधिकतम आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अभियोजन की ओर से विशेष अभियोजन अधिकारी आरती कापले ने पैरवी की।
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अभियोजन के अनुसार आरोपी महाराष्ट्र नागपुर के पारडी निवासी 19 वर्षीय दादू उर्फ पितम पिता दशरथ गडलीग और कलमना निवासी 19 वर्षीय मयूर पिता सुनील धुले ने मई 2020 में खैरलांजी थाना अंतर्गत खरखडी गांव में नाबालिग को सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद भी आरोपियों ने पारडी स्थित अपने घर में भी उसके साथ दुराचार किया था। नाबालिग के गर्भवती होने पर 16 सितंबर 2021 को नागपुर के डागा अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था। जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया नागपुर पुलिस ने पीड़िता से पूछताछ की। नाबालिग ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अन्य व्यक्यिों के नाम लिये थे।
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घटनास्थल खैरलांजी थाना ग्राम खरखडी का होने के कारण नागपुर पुलिस प्रकरण दर्ज करने के बाद केस डायरी संबंधित थाने को विवेचना के लिए स्थानांतरित कर दी थी। खैरलांजी पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से जांच करते हुए सही आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया। न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान शेष किये गये साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत अधिकतम आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अभियोजन की ओर से विशेष अभियोजन अधिकारी आरती कापले ने पैरवी की।
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