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Jabalpur News: खंदारी जलाशय की संरक्षित भूमि IIIT के लिए कर दी प्रदान, हाईकोर्ट ने तलब किए रिकॉर्ड

Fri, 01 Jul 2022 10:58 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 01 Jul 2022 10:58 AM IST
सार

जबलपुर के खंदारी जलाशय की संरक्षित भूमि IIIT निर्माण के लिए प्रदान किए जाने के संबंध में हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड तलब किया है। साथ ही युगलपीठ ने डुमना विमानतल के विस्तारीकरण के संबंध में भी रिकॉर्ड मांगे हैं।

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Jabalpur News: Protected land of Khandari reservoir provided for IIIT, High Court summoned records
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जबलपुर के खंदारी जलाशय की संरक्षित भूमि IIIT निर्माण के लिए प्रदान किए जाने के संबंध में हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड तलब किया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने निर्देश दिए है कि IIIT तथा डुमना विमानतल के विस्तारीकरण के लिए किए गये निर्माण कार्यों की विधिवत अनुमति ली गयी है, इस संबंध में भी रिकॉर्ड पेश करें।
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दरअसल 1997 में गढ़ा गौंडवाना संरक्षण समिति व अन्य की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि जबलपुर के 37 तालाबों से सात विलुप्त हो गये हैं। दस जल तालाब व्यक्तिगत हैं तथा 20 तालाब के संरक्षण की जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार द्वारा सिर्फ 14 जलस्त्रोत के लिए राशि का आवंटन किया गया था। हाईकोर्ट ने सितम्बर 2014 में एस्पो को तालाब संरक्षण के लिए निर्देशित किया था। योजना के कार्यवाहन के लिए एस्पो को 6 माह का समय दिया गया था। वहीं, याचिकाकर्ता कर्नल ए के रामनाथन की ओर से दायर की गयी, याचिका में कहा गया था कि खंदारी जलाशय से शहर में पानी की जल सप्लाई की जाती है। खंदारी जलाशय कई दशकों से शहर के लोगों की प्यास बुझा रहा है। भारत राजपत्र 1908, खंदारी झील का जलग्रहण क्षेत्र 13.597 वर्ग किमी, जो कि लगभग 3.360 एकड़ में है। हवाई अड्डा विस्तार सहित परियोजनाओं के लिए खंदारी जलाशय की 40.88 प्रतिशत जमीन आवंटित की गयी है और 59.12 क्षेत्र ही बचा है। इसके अलावा अन्य योजनाओं के तहत नगर निगम ने जमीन का आवंटन किया गया है,जो प्रारंभ नहीं हुई है। युगलपीठ ने इन योजनाओं के लिए दूसरी जगह जमीन प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं। 
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युगलपीठ ने एस्पो व नीरी को अनावेदक बनाये जाने के आवेदन को स्वीकार करते हुए उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। युगलपीठ ने डुमना विस्तारीकरण के लिए आवंटित जमीन में ही निर्माण जारी रखने के अलावा अन्य निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। पिछली सुनवाई के दौरान नीरी की तरफ से पेश की गयी रिपोर्ट में बताया गया था कि डुमना क्षेत्र में प्रस्तावित स्पोर्ट्स सिटी निर्माण का जो दूसरा प्रस्ताव प्रस्तुत किया है,उसमें खंदारी जलाशय के वॉटर कैचमेंट का एरिया आ रहा है। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान आईआईआईटी ने निर्माण कार्य में लगी रोक हटाने आवेदन पेश किया, जिसके बाद युगलपीठ ने आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है। 
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