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Jabalpur News: मृत्युदंड की सजा प्राकृतिक मृत्यु तक कारावास में तब्दील, जानें हाईकोर्ट ने क्यों बदला फैसला
Fri, 05 May 2023 07:18 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 05 May 2023 07:18 PM IST
सार
छतरपुर के सिविल लाइन थानान्तर्गत 75 साल की बुजुर्ग महिला के साथ दुराचार कर उसकी हत्या करने के आरोप में जिला न्यायालय ने आरोपी को मृत्युदंड की सजा से दण्डित किया था। हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल तथा जस्टिस अमरनाथ केसरवानी ने आरोपी की उम्र 25 साल होने के कारण सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए मृत्युदंड की साज को रद्द कर दिया है। युगलपीठ ने आरोपी को प्राकृतिक मृत्यु तक कारावास की सजा से दंडित किया है।
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जबलपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छतरपुर जिला न्यायालय ने छह फरवरी 2019 को बुजुर्ग के साथ दुराचार कर उसकी हत्या करने के आरोप में रिबू उर्फ अकबर खान उम्र 25 साल को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया गया था। मृत्युदंड की पुष्टि के लिए प्रकरण हाईकोर्ट भेजा गया था। आरोपी ने भी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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अभियोजन के अनुसार, 21 फरवरी 2017 को 75 साल की बुजुर्ग घर में अकेले थी। दूसरे दिन सुबह वह नग्न अवस्था में अपने कमरे में मिली। उसके गुप्तांग और शरीर में आई चोट से खून बह रहा था। महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। महिला की हालत गंभीर होने के कारण उसे उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया था। उपचार के दौरान महिला की 28 फरवरी को मौत हो गई थी।
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महिला ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में बताया था कि किराएदार रिबू उर्फ अकबर ने उसके साथ मारपीट कर दुराचार किया था। डीएनए रिपोर्ट से भी स्पष्ट है कि आरोपी ने बुजुर्ग के साथ दुराचार किया था। घटना स्थल में मिला चश्मा और शर्ट का बटन भी आरोपी का था।
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युगलपीठ ने सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चार साल की बच्ची के साथ दुराचार तथा हत्या करने वाले मो फिरोज सहित अन्य आदेशों का हवाला देते हुए आरोपी की उम्र को मददेनजर मृत्युदंड की सजा को निरस्त कर दिया। युगलपीठ ने आरोपी को प्राकृतिक मृत्यु तक कारावास की सजा से दंडित किया है।
