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Jabalpur: तालाब व झीलों के संरक्षण के मामले में हाईकोर्ट गंभीर, प्रदेश में मौजूदा जलस्रोत की रिपोर्ट तलब
Fri, 25 Nov 2022 07:18 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 25 Nov 2022 07:18 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने प्रदेश में मौजूदा जलस्रोत की संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में राज्य सरकार को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे सप्ताह में निर्धारित की गई है।
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- फोटो : istock
विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश के जलस्रोत के संरक्षण को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने प्रदेश में मौजूदा जलस्रोत की संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में राज्य सरकार को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे सप्ताह में निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि जबलपुर स्थित माढोताल तालाब में अतिक्रमण के संबंध में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के निर्देश दिए थे। युगलपीठ ने संज्ञान याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया था कि माढोताल तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने कार्रवाई की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
सुनवाई के दौरान जबलपुर स्थित अन्य तालाब व झील में अतिक्रमण के संबंध में आवेदन पेश किया गया था। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि तालाब अतिक्रमण मुक्त हो गया है, इस संबंध में जानकारी पेश नहीं की गई है। प्रदेश में स्थित जल स्रोत में अतिक्रमण तथा उनकी जमीन का उपयोग अन्य प्रयोजन के लिए करने शिकायत व याचिकाएं दायर हो रही हैं। व्यापक जनहित में सरकार को प्रदेष के जल स्रोत की जानकारी सरकार को न्यायालय में पेश करना चाहिए। जल स्रोत का वास्तविक रूप बरकरार रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।
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गौरतलब है कि जबलपुर स्थित माढोताल तालाब में अतिक्रमण के संबंध में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के निर्देश दिए थे। युगलपीठ ने संज्ञान याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया था कि माढोताल तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने कार्रवाई की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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सुनवाई के दौरान जबलपुर स्थित अन्य तालाब व झील में अतिक्रमण के संबंध में आवेदन पेश किया गया था। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि तालाब अतिक्रमण मुक्त हो गया है, इस संबंध में जानकारी पेश नहीं की गई है। प्रदेश में स्थित जल स्रोत में अतिक्रमण तथा उनकी जमीन का उपयोग अन्य प्रयोजन के लिए करने शिकायत व याचिकाएं दायर हो रही हैं। व्यापक जनहित में सरकार को प्रदेष के जल स्रोत की जानकारी सरकार को न्यायालय में पेश करना चाहिए। जल स्रोत का वास्तविक रूप बरकरार रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।
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