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Jabalpur: नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की सजा, पीड़िता को दो लाख रुपये की प्रतिकर राशि देने के आदेश
Wed, 10 May 2023 09:47 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 10 May 2023 09:47 PM IST
सार
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। वह उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया था और रेप किया था। कोर्ट ने पीड़िता को दो लाख की प्रतिकर राशि देने का भी आदेश दिया है।
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Court Room
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जबलपुर की पॉक्सो की विशेष अदालत ने एक नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी विक्रम राजपूत को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास व तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने पीड़िता को दो लाख रुपये की प्रतिकर राशि प्रदान करने के भी आदेश दिए हैं।
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 18 जून 2019 को पीड़िता की मां ने माढ़ोताल थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 19 जून को पीड़िता को दस्तयाब करते हुए पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस को अपने बयानों में बताया कि आरोपी विक्रम उसे बुआ के घर संग्रामपुर लेकर गया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया और एक वैन में अभियुक्त के परिवार वाले उसे बांदकपुर ले गए। जहां पर अभियुक्त के परिवार वालों ने उनकी शादी कर दी थी। शादी के बाद अभियुक्त उसे काटेगांव ले गया था और अपने घर के एक कमरे में उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए थे। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विचारण के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाहों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ मनीषा दुबे ने पैरवी की।
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अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 18 जून 2019 को पीड़िता की मां ने माढ़ोताल थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 19 जून को पीड़िता को दस्तयाब करते हुए पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस को अपने बयानों में बताया कि आरोपी विक्रम उसे बुआ के घर संग्रामपुर लेकर गया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया और एक वैन में अभियुक्त के परिवार वाले उसे बांदकपुर ले गए। जहां पर अभियुक्त के परिवार वालों ने उनकी शादी कर दी थी। शादी के बाद अभियुक्त उसे काटेगांव ले गया था और अपने घर के एक कमरे में उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए थे। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विचारण के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाहों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ मनीषा दुबे ने पैरवी की।
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