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Hit and Run Law: ट्रांसपोर्ट की हड़ताल का उमरिया, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सीहोर और खंडवा में ये रहा असर, सियासत तेज

Mon, 01 Jan 2024 10:26 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 01 Jan 2024 10:26 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में सोमवार को परिवहन थमा रहा। चालक हिट एंड रन मामले में नए कानून का विरोध किए, जिस पर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले में नई मांग की है।

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Hit and Run Law This is effect of transport strike in Umaria Jabalpur Chhindwara and Sehore
ट्रांसपोर्ट की हड़ताल का असर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में ड्राइवर हिट एंड रन मामले में बस और ट्रकों के ड्राइवर सोमवार को हड़ताल पर रहे, जिससे प्रदेश में परिवहन थमा हुआ नजर आया। बसों के पहिए थमने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, अब इस मामले में कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले में केंद्र सरकार से उचित समाधान की मांग की है।

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ड्राइवरों की हड़ताल पर जीतू पटवारी ने कहा, इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव को तत्काल केंद्र सरकार से बात कर इस मामले का समाधान निकालना चाहिए। कानून ऐसा बनाना चाहिए, जिससे दुर्घटनाओं पर विराम लग सके और आम जनता को परेशानियों का सामना भी न करना पड़े। क्योंकि आज प्रदेश भर से चक्का जाम की खबरें आ रही हैं, जिससे आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को इस मामले में जल्द से जल्द उचित समाधान निकालना चाहिए।
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उमारिया में क्या हुआ असर
उमरिया कलेक्टर बुध्देश कुमार वैद्य ने एक जनवरी 2024 से ड्राइवर संघ की हड़ताल होने के कारण ऑयल कंपनी के डिपो से डीजल-पेट्रोल का एवं आपूर्ति आवश्यकतानुसार नहीं होने के कारण जिले में पेट्रोल/डीजल की निरंतर आपूर्ति बनाए रखे जाने की दृष्टि से जिले में संचालित समस्त पेट्रोल/डीजल पंप के संचालक/डीलर्स को आदेशित किया है कि वे अपने प्रतिष्ठान से पेट्रोल वाहनों को टू व्हीलर में अधिकतम एक लीटर एवं फोर व्हीलर वाहनों में तीन लीटर अधिकतम पेट्रोल का प्रदाय करेंगे। इसी प्रकार से डीजल वाहनों को लाइट व्हीकल वाहनों में अधिकतम 10 लीटर एवं हैवी व्हीकल वाहनों में 15 लीटर डीजल फ्यूल टैंक में ही प्रदाय विक्रय करेंगे।
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उन्होंने कहा कि निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में पेट्रोल/डीजल का प्रदाय नहीं करेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी वाहन को एक दिन में एक बार से अधिक पेट्रोल/डीजल का प्रदाय नहीं करेंगे। कंटेनक/जरीवेन्न/इमों, खुले में बॉटल, डिब्बा में पेट्रोल/डीलर का प्रदाय नहीं किया जाए। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित पेट्रोल/डीजल संचालक के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ड्राइवरों की हड़ताल से आम नागरिकों का जनजीवन प्रभावित
मध्यप्रदेश में हिट एंड रन नए कानून के विरोध में सोमवार से ट्रक-बस ड्राइवरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ की, जिसके कारण जबलपुर सहित संभाग के अन्य जिलों में बस तथा ट्रकों के पहिए थमे रहे। सप्लाई डिपो से टैंकर के माध्यम से पेट्रोल व डीजल की सप्लाई नहीं हुई, जिसके कारण आम नागरिकों को जन-जीवन प्रभावित हो रहा है।

हड़ताल रत बस-ट्रक चालक हिट एंड रन मामले में नए कानून का विरोध कर रहे हैं, जिसमें दस साल की सजा व सात साल रुपये जुर्माना का प्रावधान है। ट्रकों के पहिए थमने के कारण सब्जी की सप्लाई प्रभावित हुई है। बस के पहिए थमे रहने के कारण बस यातायात पूरी तरह से प्रभावित रहा। एसआईबीटी से प्रतिदिन लगभग 500 बसें संचालित होती हैं। बस संचालन नहीं होने के कारण एसआईबीटी में सन्नाटा पसरा रहा।

शाहपुरा डिपो से नहीं हुआ पेट्रोल-डीजल की सप्लाई
टैंकर के डाइवरों के हड़ताल में जाने के कारण शाहपुरा स्थित पेट्रोलियम डिपो से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई नहीं हुई, जिसके कारण जबलपुर सहित संभाग के अन्य जिलों में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित रही। डीजल व पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कई पेट्रोल पंप बंद रहे, जिन पंप में पेट्रोल व डीजल मिल रहा था, उनमें लोगों की लाइन लगी रही। आपूर्ति प्रभावित होने के कारण पंप चालक भी निश्चित मात्रा में पेट्रोल-डीजल प्रदान कर रहे थे। बालाघाट जिले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पंप में पुलिस तैनात किया गया।

लोकहित के कार्य अवरोध करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
हड़ताल से निर्मित परिस्थितियों के निराकरण के लिए संभागायुक्त अभय वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों तथा पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में संभागायुक्त वर्मा ने कहा कि संविधान द्वारा हर एक व्यक्ति को जिंदगी व सुरक्षा का अधिकार दिया गया है। इसमें भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए। टैंकर मालिकों द्वारा ड्राइवरों को यह बात समझाई जाए। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए डीजल-पेट्रोल प्रोवाइडरों से कहा कि डीजल-पेट्रोल का वितरण तुरंत चालू करें। डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति रात में भी करें और संभाग के सभी जिलों में समुचित रूप से डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति हो। लोकहित के कार्य में कोई अवरोध पैदा करता है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होनें विशेष रूप से कहा कि डीजल-पेट्रोल सप्लाई शुरू करने के लिए ऑयल कम्पनी अपने ड्राइवर को समझाएं और तुरंत ईधन सप्लाई का कार्य शुरू कर दें। पेट्रोलियम एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने सहमति देकर लोकहित में ईधन की सप्लाई तत्काल शुरू करने की प्रतिबद्धता जाहिर की। एडिशनल एसपी क्राइम समर वर्मा ने कहा कि जनहित के कार्य में यदि कोई ड्राइवरों को धमकाता है या उन्हें रोकता है तो संबंधित के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने भेजा नोटिस
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने मुख्य सचिव को नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि हड़ताल को अवैध घोषित किया जाए। आवश्यक सेवाएं तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हड़ताल के कारण आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो रही है।

नए कानून के विरोध में थमे रहे कमर्शियल वाहनों के पहिए, यात्री परेशान
छिंदवाड़ा जिले में ड्राइवरों की हड़ताल के चलते सड़क से लेकर पेट्रोल पंप तक प्रभावित हुए। इसके साथ ही मालवाहक वाहनों के न चलने से सामान एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं पहुंच पाया। हिट एंड रन को लेकर बनाए गए नए कानून के विरोध में चल रही बस, ट्रक, ऑटो, टैंकर सहित अन्य कमर्शियल वाहन के ड्राइवरों की हड़ताल का असर छिंदवाड़ा पांढुर्णा जिला सहित राष्ट्रीय राजमार्ग में भी दिखाई दिया। 2500 से अधिक बस, ऑटो और ट्रक ड्राइवर ने सोमवार को केंद्र सरकार के नए आदेश को लेकर हड़ताल की। इसके चलते शहर में चलने वाली ऑटो और सैकड़ों मिनी बसों के पहिए थम गए। ऐसे में यात्रियों को नए साल के पहले दिन ही आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पेट्रोल-डीजल का परिवहन करने वाले टैंकरों के ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल रहे। इसके कारण पेट्रोल पंप पर भी लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।

मंगलवार को मीटिंग
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस नई दिल्ली के अध्यक्ष ने ट्रक और यात्री बस चालकों की हड़ताल को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा है। इसमें कानून वापस लेने के लिए पुनर्विचार करने की बात लिखी गई है। साथ ही चेतवानी दी गई है कि अगर सरकार कानून वापस लेने से मना करती है तो ट्रक ड्राइवर आंदोलन के साथ-साथ चक्काजाम भी करेंगे।

सीहोर में हिट एंड रन कानून के खिलाफ थम गए बसों-ट्रकों के पहिए
केंद्र सरकार के द्वारा पारित किए गए हिट एंड रन कानून के खिलाफ सोमवार को सीहोर जिले में बसों ट्रकों के पहिए थम गए। बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। सैकड़ों ड्राइवरों की हड़ताल का व्यापक असर देखा गया। ड्राइवरों ने एकजुट होकर शहर में नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली।

ड्राइवरों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह खनूजा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर सतीष राय को दिया। ड्राइवरों ने हिट एंड रन कानून के मुताबिक, हादसे में शामिल ड्राइवर्स के लिए 10 वर्ष की कैद और भारी भरकम जुर्माने की सजा तय की गई है। इस कानून का असर परिवहन उद्योग के लिए भी बढ़ा खतरा बना हुआ है। देश की अर्थव्यवस्था भी बिगड़ने का अंदेशा बना हुआ है, जिसके चलते इस काले कानून को वापस लेने की मांग की है।

कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह खनूजा ने कहा कि अब हादसे में शामिल ड्राइवर्स के लिए 10 वर्ष की कैद का प्रावधान हमारे परिवहन उद्योग को खतरे में डाल रहा है। भारत की सड़क परिवहन बिरादरी भारतीय न्याय सहिता, 2023 के अंतर्गत हिट एंड रन मामलों पर प्रस्तावित कानून के तहत कठोर प्रावधानों के संबंध में कड़ा विरोध और चिंता जता रही है। हिट एंड रन मामलों पर प्रस्तावित कानून के संबंध में भारत के परिवहन समुदाय की व्यापक चिंताओं को आपके ध्यान में जाने के लिए लिख रहे हैं। हालांकि, हिट एंड रन की घटनाओं से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने के पीछे का इरादा अच्छा हो सकता है। लेकिन प्रस्तावित कानून में महत्वपूर्ण खामियां हैं, जिन पर तत्काल पुर्नविचार की आवश्यकता है। देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला परिवहन क्षेत्र और ट्रक चालक इस कानून के संभावित प्रभावों को लेकर बेहद आशंकित हैं।

ड्राइवरों की हड़ताल के चलते कई भक्तों को नए साल में नहीं हो पाए भोलेनाथ के दर्शन
देश भर में सोमवार से नए साल की शुरुआत हुई। ऐसे में इस नए साल का आगाज कुछ लोग पार्टी मनाकर तो कुछ पिकनिक पर जाकर करते हैं। वहीं कुछ लोग अपने नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन और उनका आशीर्वाद लेकर शुरू करते हैं। हालांकि, देशभर में चल रही ड्राइवरों की हड़ताल ने आम लोगों के इस नए साल के जश्न को थोड़ा फीका जरूर किया है।

वहीं, मध्यप्रदेश की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में भी भगवान के दर्शन कर अपने नए साल की शुरुआत करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इस साल हड़ताल के चलते लगभग आधी ही रही। हालांकि, कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह से ही श्रद्धालु भगवान भोले का आशीर्वाद लेने ओंकारेश्वर पहुंच चुके थे और शाम होते-होते लगभग पचास हजार भक्तों ने बाबा भोले के दर्शन कर अपने नए साल के शुभ होने का आशीर्वाद मांगा। यही नहीं, प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव ने भी इस नए साल में यहां दर्शन कर प्रदेश की सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। 

खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में सोमवार सुबह से ही नए साल की शुरुआत के चलते भक्तों की भीड़ रही। बाबा भोले के यह भक्त भगवान ओमकार के दर्शन से अपने नए साल की शुरुआत करने इस कड़ाके की ठंड में भी यहां पहुंचे हुए थे, जिसको लेकर मंदिर प्रशासन ने भी विशेष व्यवस्थाएं की हुई थीं। यहां पहुंचने के लिए जगह-जगह पुलिस प्रशासन ने बैरिकेट्स लगाए थे, तो वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार जिला प्रशासन ने पार्किंग की व्यवस्था भी की हुई थी। वहीं, मंदिर प्रशासन ने भी सीएम के दौरे के चलते पहले से ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चाक चौबंद किया हुआ था। इसके बाद प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव ने सोमवार सुबह ममलेश्वर पहुंचकर भगवान भोले का आशीर्वाद लिया और प्रदेश के सुख और समृद्धि की कामना की। 


वहीं इस नए साल में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर पुनासा एसडीएम और मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि रोजाना जहां दर्शन करने वालों की संख्या लगभग 40 से 50 हजार के करीब होती है, जो कि शनिवार और रविवार के दिन लगभग एक लाख से अधिक हो जाती है। इसके साथ ही नए साल में भी मंदिर प्रशासन को इससे दोगनी तादाद में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की आशा थी। हालांकि, सोमवार से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के पहिए थमने और ड्राइवरों की हड़ताल के चलते कई सारे भक्त बाबा भोले के दर्शन से वंचित रह गए और इस नए साल में करीब 50 हजार भक्तों को ही बाबा के दर्शन का लाभ मिल पाया।

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