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Jabalpur News: नर्सिंग कॉलेज की निरंतर याचिकाओं पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, लगाई 50 हजार रुपये की कॉस्ट

Sun, 09 Feb 2025 08:56 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sun, 09 Feb 2025 08:56 PM IST
सार

कोर्ट ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन लगातार अनावश्यक याचिकाएं दायर कर रहा है, जिससे न्यायालय का समय बर्बाद हो रहा है। पहले भी 2023-24 और 2024-25 के लिए याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें कॉलेज की कमियां उजागर होने पर मान्यता रद्द कर दी गई थी।

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Cost of Rs 50 thousand for continuously filing petition for recognition
high court

विस्तार

मान्यता के लिए लगातार याचिका दायर किए जाने पर हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी तथा जस्टिस एके पालीवार की युगलपीठ ने कहा कि अदालतों में मुकदमों का अंबार है। ऐसे में मुख्य और जरूरी मामलों को छोड़कर ऐसी तुच्छ याचिका पर सुनवाई करना न्यायालय का समय बर्बाद करना है। रिव्यू याचिका बिना किसी दृष्टिकोण से दायर की गई है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता नर्सिंग कॉलेज पर 50 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है।

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सिहोर स्थित के एल शर्मा नर्सिंग कॉलेज की तरफ से दायर रिव्यू याचिका में साल 2025-26 की मान्यता के संबंध में पारित आदेश पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया था। युगलपीठ ने पाया कि पूर्व में पारित आदेश में जांच के लिए हाईकोर्ट गठित समिति के समक्ष पक्ष प्रस्तुत की राहत प्रदान की थी। कॉलेज की जांच में कमियां पाये जाने के कारण उनकी मान्यता निरस्त कर गई थी। इसके पूर्व भी साल 2023-24 तथा 2024-25 के मान्यता के संबंध में याचिकाकर्ता कॉलेज की तरफ से 5-6 याचिका प्रस्तुत कर चुका है।
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एकलपीठ ने रिव्यू याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि एक ही मुद्दे पर कॉलेज प्रबंधन लगातार याचिका दायर कर रहा है। निराधार मुद्दे पर कॉलेज प्रबंधन की तरफ से दायर याचिका की सुनवाई करने में कोर्ट के बहुमूल्य समय बर्बाद हो गया रहा है। युगलपीठ ने पचास हजार की कॉस्ट लगाते हुए उक्त राशि 30 दिनों में मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करने के आदेश जारी किये है। आदेश का पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ता कॉलेज के खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई होगी।

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