फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur News: High Court cancels order of district banishment, fines 25 thousand on government

Jabalpur News: मनमाने तरीके से कलेक्टर ने जारी किया जिला बदर का आदेश, हाईकोर्ट ने किया निरस्त, लगाया जुर्माना

Sun, 09 Feb 2025 04:12 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sun, 09 Feb 2025 04:12 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने कलेक्टर और संभागायुक्त के आदेश को अवैध ठहराते हुए सरकार पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया और यह राशि याचिकाकर्ता के बैंक खाते में जमा कराने के निर्देश दिए।

विज्ञापन
Jabalpur News: High Court cancels order of district banishment, fines 25 thousand on government
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किसी भी आपराधिक प्रकरण में सजा से दंडित नहीं होने के बावजूद जिला बदर की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने कलेक्टर और संभाग आयुक्त के आदेश को मनमाना तथा विधि विरुद्ध करार देते हुए आदेश को खारिज कर दिया। एकलपीठ ने सरकार पर 25 हजार का जुर्माना लगाते हुए उक्त राशि याचिकाकर्ता के बैंक खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
याचिकाकर्ता छिंदवाड़ा निवासी भूरा कौरव की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उसके खिलाफ साल 2008 से 2023 के बीच आईपीसी की धाराओं के तहत 14 अपराधिक तथा सीआरपीसी की धारा 110 के तहत तीन प्रकरण हुए थे। पांच अपराधिक प्रकरण जुआ एक्ट के तहत दर्ज हुए थे। उसके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई हुई थी। दर्ज अधिकांश आपराधिक प्रकरण में वह दोषमुक्त हो गया है। इसके बावजूद जिला कलेक्टर ने 30 अक्तूबर 2024 को उसके विरुद्ध जिला बदर का आदेश पारित किया था।
विज्ञापन


याचिका में कहा गया था कि आदेश में एक आपराधिक प्रकरण को लंबित बताया गया है, जिसमें वह दोषमुक्त हो गया है। इसके अलावा आदेश पारित करते के पहले जिला कलेक्टर ने किसी भी गवाह के बयान भी दर्ज नहीं किए। जिला कलेक्टर के आदेश को चुनौती देते हुए उसने संभागायुक्त जबलपुर के समक्ष अपील दायर की थी। संभागायुक्त के द्वारा अपील खारिज किए जाने के कारण उक्त याचिका दायर की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कलेक्टर और संभाग आयुक्त के आदेश को मनमाना और विधि संगत नहीं पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के दिये प्रावधानों का पालन नहीं करते हुए विधि विरुद्ध आदेश जारी किये है। एकलपीठ ने जिला बदर के आदेश को निरस्त करते हुए सरकार पर 25 हजार का जुर्माना लगाते हुए उक्त राशि का चेक आवेदक को प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed