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Jabalpur News: जॉय स्कूल पर शिकंजा, संचालक अखिलेश मेबन व सचिव गिरफ्तार; 25 करोड़ से अधिक की फीस वसूली का मामला

Mon, 21 Oct 2024 07:40 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 21 Oct 2024 07:40 PM IST
सार

MP: कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच उपरांज विजय नगर पुलिस ने जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक अखिलेश मेबिन, सचिव अनुराग श्रीवास्तव और कोषाध्यक्ष कविता बलेचा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

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Arrest at Joy School, Alexander Meban and Secretary arrested
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वसूली का एक और बड़ा खुलासा प्रशासन ने किया है। कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच उपरांज विजय नगर पुलिस ने जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक अखिलेश मेबिन, सचिव अनुराग श्रीवास्तव और कोषाध्यक्ष कविता बलेचा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
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पुलिस ने मामले में स्कूल संचालक अखिलेश मेबिन व सचिव अनुराग को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने पूछताछ के लिए उन्हें एक दिन की पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि स्कूल प्रबंधन ने 15606 छात्रों से 25 करोड़ 21 लाख 12 हजार 40 रुपए की अधिक फीस वसूली है। आरोपियों ने छात्रों से वसूली फीस का उपयोग लग्जरी वाहन और दुबई ट्रिप व प्रापर्टी खरीदने में किया गया है।
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पुलिस कंट्रोल रूप में जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन की टीम ने स्कूल में चल रहे फर्जीवाड़े की जांच की, तो खुलासा हुआ कि स्कूल द्वारा मनमानी फीस वृद्धि की गई। इतना ही नहीं अपना गड़बड़झाला छिपाने के लिए स्कूल ने एक से अधिक बुक ऑफ एकाउंट्स रखे थे।
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स्कूल ने दस प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया। स्कूल संचालक ने छात्रों से वसूली गई फीस से दो करोड़ 51 लाख 60 हजार 892 रुपए कीमत की चार लक्जरी गाड़ियां खरीदीं। इन वाहनों के नंबर दमन एवं दीव के थे। एक गाड़ी को बेचा गया, लेकिन उससे जो रकम एक लाख 99 लाख 59 हजार 942 रुपए मिले, वह कहां गए, इसका उल्लेख किसी दस्तावेज में नहीं किया गया। ऑडिट रिपोर्ट में वाहनों को बेचने पर 48 लाख 50 हजार 999 रुपए का घाटा बताया गया।


कागजों में खरीदी जमीन
जॉय एजुकेशन सोसायटी की बैलेंस सीट की जांच की गई, तो पता चला कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में दो करोड़ दस लाख रुपए सेंचुरी डेवल्पर्स से भूमि क्रय करने का विवरण उसमें है, लेकिन जब जमीन के बारे में पूछा गया, तो संचालक यह नहीं बता पाए कि आखिरकार जमीन कहां है। प्रशासनिक टीम की नजर 16 लाख 94 हजार 560 रुपए के खर्च पर पड़ी। यह खर्च दुबई ट्रिप के लिए किया गया था।
 
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